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कोविड जांच में खिलवाड़, टेक्नीशियन लोगों को थमा रहे स्टिक, खुद भरने पड़ रहे नमूने
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ये कैसी कोविड की जांच - गढ़ रोड स्थित सरकारी अस्पताल में युवती से खुद ही कोविड का टेस्ट कराते स्वास
- फोटो : HAPUR
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कोविड जांच में खिलवाड़, टेक्नीशियन लोगों को थमा रहे स्टिक, खुद भरने पड़ रहे नमूने
हापुड़। कोरोना की जांच में खिलवाड़ हो रहा है। जांच केंद्रों पर टेक्नीशियन लोगों को स्टिक थमाकर खुद ही मुंह, नाक का सैंपल लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं। मजबूरी में लोग भी उल्टा सीधा सैंपल देकर एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव होने का प्रमाण पत्र लेकर घर चले आ रहे हैं।
कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है। देश में कई मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग को आए दिन नई गाइडलाइन भेजी जा रही हैं। सबसे अधिक फोकस कोविड जांच पर है, ताकि संक्रमण को समय रहते पहचानकर, इससे बचा जा सके। सरकारी अस्पतालों में जांच के केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर प्रशिक्षण के बाद टेक्नीशियनों को तैनात किया गया है। सोमवार को गढ़ रोड सीएचसी पर लगे बूथ पर लोग कोविड जांच के लिए पहुंच रहे थे। लेकिन टेक्नीशियन लोगों को ही जांच स्टिक थमा रहा था। लोग स्टिक को अपनी नाक और मुंह में डालते, लेकिन उतनी गहराई तक नहीं डाल पाते जहां से सैंपल आना होता है। बहरहाल, इसी अमान्य सैंपल से उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही थी।
इस तरह लिया जाता है सैंपल
कोविड जांच के लिए सैंपल गले में उतनी गहराई से लिया जाता है जहां सांस लेने वाली नली होती है। नाक में स्टिक एक से डेढ़ इंच गहराई तक ले जाकर सैंपल लिया जाता है।
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दो मुख्य केंद्रों पर नहीं होती जांच
डायट परिसर और कोठीगेट अस्पताल में पहले जांच के स्पेशल बूथ बनाए गए थे। अब यहां जांच नहीं होती, इन केंद्रों को बंद कर दिया गया है। डायट परिसर में हर समय दो टेक्नीशियन रहते थे, जिनका कार्य जांच करना ही होता था।
कोविड हेल्प डेस्क से कर्मचारी गायब
अस्पतालों में बनी कोविड हेल्प डेस्क अब खाली पड़ी हैं। इन डेस्क पर कोई कर्मचारी नहीं दिखता, ऐसे में मरीज भले ही खांसी, जुकाम का हो, वह बिना रोक टोक सीधे चिकित्सकों के चैंबर तक पहुंच रहा है।
सिर्फ कागजों में काम, निरीक्षण तक नहीं
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सिर्फ कार्यालयों की शोभा बढ़ाकर कागजी कार्रवाई में जुटे हैं। निरीक्षण करने का उन्हें समय नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य सेवाओं में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसका खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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कोविड जांच में लापरवाही गंभीर, होगी कार्रवाई
कोविड जांच में किसी तरह की लापरवाही गंभीर मामला है। इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। मानक के अनुसार सैंपलिंग होगी, गलत रिपोर्ट नहीं बनने दी जाएगी। -डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। कोरोना की जांच में खिलवाड़ हो रहा है। जांच केंद्रों पर टेक्नीशियन लोगों को स्टिक थमाकर खुद ही मुंह, नाक का सैंपल लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं। मजबूरी में लोग भी उल्टा सीधा सैंपल देकर एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव होने का प्रमाण पत्र लेकर घर चले आ रहे हैं।
कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है। देश में कई मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग को आए दिन नई गाइडलाइन भेजी जा रही हैं। सबसे अधिक फोकस कोविड जांच पर है, ताकि संक्रमण को समय रहते पहचानकर, इससे बचा जा सके। सरकारी अस्पतालों में जांच के केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर प्रशिक्षण के बाद टेक्नीशियनों को तैनात किया गया है। सोमवार को गढ़ रोड सीएचसी पर लगे बूथ पर लोग कोविड जांच के लिए पहुंच रहे थे। लेकिन टेक्नीशियन लोगों को ही जांच स्टिक थमा रहा था। लोग स्टिक को अपनी नाक और मुंह में डालते, लेकिन उतनी गहराई तक नहीं डाल पाते जहां से सैंपल आना होता है। बहरहाल, इसी अमान्य सैंपल से उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही थी।
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इस तरह लिया जाता है सैंपल
कोविड जांच के लिए सैंपल गले में उतनी गहराई से लिया जाता है जहां सांस लेने वाली नली होती है। नाक में स्टिक एक से डेढ़ इंच गहराई तक ले जाकर सैंपल लिया जाता है।
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दो मुख्य केंद्रों पर नहीं होती जांच
डायट परिसर और कोठीगेट अस्पताल में पहले जांच के स्पेशल बूथ बनाए गए थे। अब यहां जांच नहीं होती, इन केंद्रों को बंद कर दिया गया है। डायट परिसर में हर समय दो टेक्नीशियन रहते थे, जिनका कार्य जांच करना ही होता था।
कोविड हेल्प डेस्क से कर्मचारी गायब
अस्पतालों में बनी कोविड हेल्प डेस्क अब खाली पड़ी हैं। इन डेस्क पर कोई कर्मचारी नहीं दिखता, ऐसे में मरीज भले ही खांसी, जुकाम का हो, वह बिना रोक टोक सीधे चिकित्सकों के चैंबर तक पहुंच रहा है।
सिर्फ कागजों में काम, निरीक्षण तक नहीं
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सिर्फ कार्यालयों की शोभा बढ़ाकर कागजी कार्रवाई में जुटे हैं। निरीक्षण करने का उन्हें समय नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य सेवाओं में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसका खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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कोविड जांच में लापरवाही गंभीर, होगी कार्रवाई
कोविड जांच में किसी तरह की लापरवाही गंभीर मामला है। इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। मानक के अनुसार सैंपलिंग होगी, गलत रिपोर्ट नहीं बनने दी जाएगी। -डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।

यह कैसी कोरोना की जांच - गढ़ रोड स्थित सरकारी अस्पताल में युवती को बताकर जांच कराता स्वास्थ्यकर्म- फोटो : HAPUR