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हवा की सेहत और बिगड़ी, अस्पताल पहुंचे करीब 150 लोग
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हवा की सेहत और बिगड़ी, 150 लोग पहुंचे अस्पताल
हापुड़। दिवाली के दो दिन बाद भी शहर को प्रदूषण से राहत नहीं मिल पा रही है। शनिवार को प्रदूषण का स्तर शुक्रवार से भी अधिक रहा। शुक्रवार को भी शहर में हुई आतिशबाजी के कारण एक्यूआई का स्तर 418 से बढ़कर 468 तक पहुंच गया। सुबह-शाम स्मॉग छाया रहा और लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हुई। जिसके कारण अस्पतालों में करीब डेढ़ सौ मरीज पहुंचे हैं, जिन्हें किसी न किसी रूप में प्रदूषण बढ़ने से परेशानी हुई है।
बृहस्पतिवार रात को दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद रात से ही वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण मौसम बदलने लगा था। शुक्रवार को दिन भर आसमान में धुंध छाई रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को एक्यूआई में तेजी से इजाफा हुआ और यह 418 तक पहुंच गया। हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि इसका स्तर शनिवार को कुछ कम होगा और प्रदूषण से राहत मिलेगी। लेकिन शनिवार को हालात और बिगड़ गए। हापुड़ का एक्यूआई 468 पहुंच गया है। साथ ही आसपास के जिलों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बढ़ने के कारण वायुमंडल में धुंध छाई है। तेज हवाओं के चलने या फिर बारिश होने के बाद ही एक्यूआई में गिरावट आएगी।
सुबह से अस्पतालों में लगी भीड़
जिले में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को हुई। सांस लेने में दिक्कत होने पर लोगों ने चिकित्सकों से सलाह ली। हापुड़ में डॉ. पराग शर्मा, डॉ जीवोत्तम नारंग, डॉ गौरव मित्तल सहित विभिन्न क्लीनिकों पर करीब डेढ़ सौ मरीज ऐसे पहुंचे जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। लोगों में लगातार छींकना, नाक बहना, आंखों में जलन, त्वचा पर खुजली, खांसी जैसी दिक्कतें हुईं।
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हापुड़। दिवाली के दो दिन बाद भी शहर को प्रदूषण से राहत नहीं मिल पा रही है। शनिवार को प्रदूषण का स्तर शुक्रवार से भी अधिक रहा। शुक्रवार को भी शहर में हुई आतिशबाजी के कारण एक्यूआई का स्तर 418 से बढ़कर 468 तक पहुंच गया। सुबह-शाम स्मॉग छाया रहा और लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हुई। जिसके कारण अस्पतालों में करीब डेढ़ सौ मरीज पहुंचे हैं, जिन्हें किसी न किसी रूप में प्रदूषण बढ़ने से परेशानी हुई है।
बृहस्पतिवार रात को दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद रात से ही वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण मौसम बदलने लगा था। शुक्रवार को दिन भर आसमान में धुंध छाई रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को एक्यूआई में तेजी से इजाफा हुआ और यह 418 तक पहुंच गया। हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि इसका स्तर शनिवार को कुछ कम होगा और प्रदूषण से राहत मिलेगी। लेकिन शनिवार को हालात और बिगड़ गए। हापुड़ का एक्यूआई 468 पहुंच गया है। साथ ही आसपास के जिलों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बढ़ने के कारण वायुमंडल में धुंध छाई है। तेज हवाओं के चलने या फिर बारिश होने के बाद ही एक्यूआई में गिरावट आएगी।
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सुबह से अस्पतालों में लगी भीड़
जिले में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को हुई। सांस लेने में दिक्कत होने पर लोगों ने चिकित्सकों से सलाह ली। हापुड़ में डॉ. पराग शर्मा, डॉ जीवोत्तम नारंग, डॉ गौरव मित्तल सहित विभिन्न क्लीनिकों पर करीब डेढ़ सौ मरीज ऐसे पहुंचे जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। लोगों में लगातार छींकना, नाक बहना, आंखों में जलन, त्वचा पर खुजली, खांसी जैसी दिक्कतें हुईं।
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