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डग्गामार बसों के सहारे घर पहुंचे मुसाफिर
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गढ़ में नेशनल हाईवे पर डग्गामार बसों की छत पर सवार होते यात्री।
- फोटो : GARH
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डग्गामार बसों के सहारे घर पहुंचे मुसाफिर
हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। दीपावली पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने के परिवहन निगम के दावे धरे रह गए। हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर में मंगलवार को रोडवेज बसों के इंतजार में यात्री भटकते रहे। रोडवेज बसों की कमी के कारण लोगों को डग्गामार का सहारा लेकर यात्रा करनी पड़ी। कई लोगों को तो बसों की छत पर बैठकर सफर करना पड़ा।
बुधवार को सुबह से ही सड़कों लोगों की भारी भीड़ रही। मेरठ रोड स्थित बस स्टैंड पर बसों में सवारियां खचाखच भरी थी। यहीं से ही डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा था। मजबूरन लोगों को इनमें सफर करना पड़ा। इसके अलावा जिन स्थानों पर डग्गामार नहीं दिखे, उन स्थानों पर लोग ऑटो और दूसरे व्यवसायिक वाहनों का सहारा लेते हुए भी नजर आए। परिवार के साथ घर जा रहे मुसाफिरों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
मजबूरी का फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहन संचालकों ने मनमाना किराया वसूला। सीट न मिलने पर बच्चों को गोद में लेकर खड़े होकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस और परिवहन विभाग की टीम क्षेत्र में कहीं भी दिखाई नहीं दी। एआरएम रंजीत सिंह का कहना है कि मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ के रूट के लिए 25 अतिरिक्त बसों का संचालन कराया गया। समय समय पर बसें भेजी गईं। एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि डग्गामार वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक है। लगातार ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। हो सकता है कि त्योहार को देखते हुए कुछ ऐसे वाहन सड़कों पर आ गए हों।
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महिलाओं तक को सीट नहीं मिली
समय 11 बजे गढ़मुक्तेश्वर में नेशनल हाईवे पर गजरौला की तरफ जा रही डग्गामार बस में बैठने के लिए महिलाओं को सीट नहीं मिल पाई। लोगों ने बस की छत पर बैठकर सफर किया। दोपहर 12:30 बजे एक रोडवेज बस स्याना चौपला पर पहुंची, जहां पर दर्जनों यात्री बस में चढ़ऩे लगे, लेकिन पहले से ही बस में अधिक संख्या में यात्री भरे हुए थे।
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हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। दीपावली पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने के परिवहन निगम के दावे धरे रह गए। हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर में मंगलवार को रोडवेज बसों के इंतजार में यात्री भटकते रहे। रोडवेज बसों की कमी के कारण लोगों को डग्गामार का सहारा लेकर यात्रा करनी पड़ी। कई लोगों को तो बसों की छत पर बैठकर सफर करना पड़ा।
बुधवार को सुबह से ही सड़कों लोगों की भारी भीड़ रही। मेरठ रोड स्थित बस स्टैंड पर बसों में सवारियां खचाखच भरी थी। यहीं से ही डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा था। मजबूरन लोगों को इनमें सफर करना पड़ा। इसके अलावा जिन स्थानों पर डग्गामार नहीं दिखे, उन स्थानों पर लोग ऑटो और दूसरे व्यवसायिक वाहनों का सहारा लेते हुए भी नजर आए। परिवार के साथ घर जा रहे मुसाफिरों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
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मजबूरी का फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहन संचालकों ने मनमाना किराया वसूला। सीट न मिलने पर बच्चों को गोद में लेकर खड़े होकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस और परिवहन विभाग की टीम क्षेत्र में कहीं भी दिखाई नहीं दी। एआरएम रंजीत सिंह का कहना है कि मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ के रूट के लिए 25 अतिरिक्त बसों का संचालन कराया गया। समय समय पर बसें भेजी गईं। एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि डग्गामार वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक है। लगातार ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। हो सकता है कि त्योहार को देखते हुए कुछ ऐसे वाहन सड़कों पर आ गए हों।
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महिलाओं तक को सीट नहीं मिली
समय 11 बजे गढ़मुक्तेश्वर में नेशनल हाईवे पर गजरौला की तरफ जा रही डग्गामार बस में बैठने के लिए महिलाओं को सीट नहीं मिल पाई। लोगों ने बस की छत पर बैठकर सफर किया। दोपहर 12:30 बजे एक रोडवेज बस स्याना चौपला पर पहुंची, जहां पर दर्जनों यात्री बस में चढ़ऩे लगे, लेकिन पहले से ही बस में अधिक संख्या में यात्री भरे हुए थे।