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सात साल बाद माता-पिता को मिली बेटी
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बाल कल्याण समिति द्वारा परिजनों को सौंपी गई बच्ची।
- फोटो : HAPUR
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सात साल बाद माता-पिता को मिली बेटी
हापुड़। बुलंदशहर के गांव निखोल निवासी दंपती ने सात साल पहले गरीबी के चलते अपनी बेटी को हापुड़ के एक गांव निवासी रिश्तेदार को पालन पोषण के लिए दिया था। जब दंपती ने बेटी को वापस मांगा तो रिश्तेदार ने मना कर दिया। यह मामला बालिका बाल कल्याण समिति तक पहुंचा, जहां से बच्ची को 20 दिन के लिए उसके माता पिता को दिलाया गया है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक त्यागी ने बताया कि निखोल निवासी रिंकू सिंह की पुत्री गोरी को दंपती ने सात साल पहले अपने रिश्तेदार को दिया था। अब दंपती ने जब बेटी को वापस लेना चाहा तो उसके रिश्तेदार ने बेटी को लौटान से इनकार कर दिया।
इस मामले में दंपती ने बाल कल्याण समिति का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने बताया कि माता पिता और रिश्तेदार की काउंसलिंग कराई गई है। जिसके बाद फिलहाल 20 दिन के लिए बच्ची को उसके मां बाप को सौंप दिया है। हालांकि मामला अभी विचाराधीन है। 20 दिन के बाद तय होगा कि बेटी किसके पास रहेगी। बहरहाल, दंपती बेटी को लेकर लौट गए।
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हापुड़। बुलंदशहर के गांव निखोल निवासी दंपती ने सात साल पहले गरीबी के चलते अपनी बेटी को हापुड़ के एक गांव निवासी रिश्तेदार को पालन पोषण के लिए दिया था। जब दंपती ने बेटी को वापस मांगा तो रिश्तेदार ने मना कर दिया। यह मामला बालिका बाल कल्याण समिति तक पहुंचा, जहां से बच्ची को 20 दिन के लिए उसके माता पिता को दिलाया गया है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक त्यागी ने बताया कि निखोल निवासी रिंकू सिंह की पुत्री गोरी को दंपती ने सात साल पहले अपने रिश्तेदार को दिया था। अब दंपती ने जब बेटी को वापस लेना चाहा तो उसके रिश्तेदार ने बेटी को लौटान से इनकार कर दिया।
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इस मामले में दंपती ने बाल कल्याण समिति का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने बताया कि माता पिता और रिश्तेदार की काउंसलिंग कराई गई है। जिसके बाद फिलहाल 20 दिन के लिए बच्ची को उसके मां बाप को सौंप दिया है। हालांकि मामला अभी विचाराधीन है। 20 दिन के बाद तय होगा कि बेटी किसके पास रहेगी। बहरहाल, दंपती बेटी को लेकर लौट गए।
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