{"_id":"61326a778ebc3e21935d091c","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2252642125","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 लखपति किसान ले रहे थे मुफ्त राशन, कार्ड निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
11 लखपति किसान ले रहे थे मुफ्त राशन, कार्ड निरस्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
11 लखपति किसान ले रहे थे मुफ्त राशन, कार्ड निरस्त
हापुड़। सरकार को प्रति वर्ष तीन लाख रुपये से अधिक गेहूं बेचने वाले जिले के 11 किसानों को अब मुफ्त राशन का भी लाभ नहीं मिलेगा। आधार सत्यापन प्रक्रिया में सच सामने आने के बाद पूर्ति विभाग ने इन किसानों के राशन कार्डों को निरस्त कर दिया है। इनके स्थान पर पात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सरकार की तरफ से सस्ती दर पर राशन लेने वाले अपात्र परिवारों के राशन कार्ड का सत्यापन किया जा रहा है। नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर की मदद से पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों का आधार सत्यापन कराया गया। आधार मैचिंग में स्पष्ट हुआ कि जिले में 11 राशन कार्ड धारकों ने वर्ष 2020-21 में सरकारी खरीद एजेंसियों को दो से तीन लाख रुपये तक का गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड का मानक है कि परिवार के सभी सदस्यों को वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस आधार पर जिले के 11 किसान अपात्र पाए गए हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुसार अपात्र होने के बावजूद यह किसान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अनुचित लाभ उठा रहे थे। सत्यापन की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए। इनके स्थान नए पात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं।
विज्ञापन
हापुड़। सरकार को प्रति वर्ष तीन लाख रुपये से अधिक गेहूं बेचने वाले जिले के 11 किसानों को अब मुफ्त राशन का भी लाभ नहीं मिलेगा। आधार सत्यापन प्रक्रिया में सच सामने आने के बाद पूर्ति विभाग ने इन किसानों के राशन कार्डों को निरस्त कर दिया है। इनके स्थान पर पात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सरकार की तरफ से सस्ती दर पर राशन लेने वाले अपात्र परिवारों के राशन कार्ड का सत्यापन किया जा रहा है। नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर की मदद से पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों का आधार सत्यापन कराया गया। आधार मैचिंग में स्पष्ट हुआ कि जिले में 11 राशन कार्ड धारकों ने वर्ष 2020-21 में सरकारी खरीद एजेंसियों को दो से तीन लाख रुपये तक का गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड का मानक है कि परिवार के सभी सदस्यों को वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस आधार पर जिले के 11 किसान अपात्र पाए गए हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुसार अपात्र होने के बावजूद यह किसान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अनुचित लाभ उठा रहे थे। सत्यापन की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए। इनके स्थान नए पात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं।
विज्ञापन