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रेमडेसिविर की मांग 90 फीसदी घटी, स्वास्थ्य विभाग पर 1500 डोज उपलब्ध
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रेमडेसिविर की मांग 90 फीसदी घटी, जिले में 1500 का स्टॉक
हापुड़। कोरोना संक्रमण में कमी के साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग करीब 90 फीसदी तक कम हो गई है। सात मई के आसपास कोरोना संक्रमण पीक पर था तो रोजाना औसतन 140 इंजेक्शन की मांग थी जो अब घटकर दस से पंद्रह रह गई है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि उनके पास 1500 इंजेक्शन का स्टॉक है।
20 अप्रैल से सात कई के बीच जब कोरोना संक्रमण पीक पर था तब रेमडेसिविर इंजेक्शन मरीजों के तीमारदार भटक रहे थे। रामा मेडिकल के तीन कर्मचारी रेमडेसिविर की कालाबाजारी में गिरफ्तार किए गए थे। इन पर आरोप था कि इंजेक्शन मरीज को न लगाकर बाजार में 40 हजार रुपये तक में बेच दिया। अब राहत की बात ये है कि कोरोना के गंभीर मामलों में कमी आने लगी है और मरीजों की स्थिति सामान्य होने से रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत कम पड़ रही है।
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हापुड़। कोरोना संक्रमण में कमी के साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग करीब 90 फीसदी तक कम हो गई है। सात मई के आसपास कोरोना संक्रमण पीक पर था तो रोजाना औसतन 140 इंजेक्शन की मांग थी जो अब घटकर दस से पंद्रह रह गई है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि उनके पास 1500 इंजेक्शन का स्टॉक है।
20 अप्रैल से सात कई के बीच जब कोरोना संक्रमण पीक पर था तब रेमडेसिविर इंजेक्शन मरीजों के तीमारदार भटक रहे थे। रामा मेडिकल के तीन कर्मचारी रेमडेसिविर की कालाबाजारी में गिरफ्तार किए गए थे। इन पर आरोप था कि इंजेक्शन मरीज को न लगाकर बाजार में 40 हजार रुपये तक में बेच दिया। अब राहत की बात ये है कि कोरोना के गंभीर मामलों में कमी आने लगी है और मरीजों की स्थिति सामान्य होने से रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत कम पड़ रही है।
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