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कोरोना से टूटी किसानों की कमर, दो रुपये किलो बिक रहा टमाटर
Sun, 16 May 2021 12:34 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद(हापुड़)
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद(हापुड़)
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 12:34 AM IST
सार
जिले में करीब ढाई हजार हेक्टेयर में सब्जियों का उत्पादन होता है। इसमें करीब सात सौ हेक्टेयर की खेती टमाटर की है। करीब इतने ही रकबे में बैंगन, हरी मिर्च हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हापुड़ में कोरोना कर्फ्यू ने जिले के सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे बड़ा झटका टमाटर की खेती करने वाले किसानों को लगा है, मंडी में किसानों को दो रुपये प्रति किलो के दाम मिल रहे हैं। दिल्ली मंडी में मांग कम होने पर मात्र बीस प्रतिशत आपूर्ति ही रह गई है। खरीदार न मिलने के कारण किसान मंडी में ही टमाटर छोड़कर जा रहे हैं। जिसके कारण वह वहीं पर सड़ रहे हैं।पिछले साल लॉकडाउन में टमाटर 20 रुपये किलो और बैंगन 10 रुपये किलों तक बिका था। कुल मिलाकर जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को प्रतिदिन करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सब्जियों की डिमांड घटने से हुआ नुकसान
कोरोना कर्फ्यू के बाद से मंडियां प्रभावित हुई हैं। शादी विवाह, रेस्टोरेंट और दूसरे प्रतिष्ठान बंद होने से सब्जियों की डिमांड प्रभावित हुई है। सबसे बड़ा झटका गाजीपुर और दूसरी बाहर की मंडियों को फल और सब्जियां भेजने वाले किसानों को लगा है। जिले से कोरोना कर्फ्यू से पहले करीब 50 लाख, जबकि हापुड़ मंडी में प्रतिदिन करीब 15 लाख की सब्जी व फल बेची जाती थी। दिल्ली में सब्जियों की डिमांड घटने के बाद मात्र बीस प्रतिशत आपूर्ति रह गई है। जिले के किसानों को करीब 30 लाख का फटका लगा है।
सात सौै हेक्टेयर में होती है टमाटर की खेती
जिले में करीब ढाई हजार हेक्टेयर में सब्जियों का उत्पादन होता है। इसमें करीब सात सौ हेक्टेयर की खेती टमाटर की है। करीब इतने ही रकबे में बैंगन, हरी मिर्च हैं। करीब छह हेक्टेयर में लोकी और तौरी की फसल है। बाकी में अन्य सब्जियां हैं। वर्तमान में टमाटर, बैंगन और हरी मिर्च की स्थिति बेहद खराब है। टमाटर मंडी में किसानों को मात्र दो रुपये प्रति किलो के भाव दे रहा है। टमाटर के किसानों को उसकी पूरी लागत भी नहीं मिल पा रही है।
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सब्जी मंडी भाव बाजार भाव
टमाटर 2 रुपये 10 रुपये
बैंगन 5 रुपये 15 रुपये
हरी मिर्च 10 रुपये 20 रुपये
तौरी 5 रुपये 25 रुपये
लोकी 4 रुपये 15 रुपये
खीरा 5 रुपये 15 रुपये
नींबू 80 रुपये 140 रुपये
तरबूज 5 रुपये 20 रुपये
खरबूजा 10 रुपये 30 रुपये
प्याज 15 रुपये 25 रुपये
मंडी समिति के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू काल में बाहर की मंडियों में सब्जी की डिमांड घटी है। ऐसे में मंडी में सब्जियों के भाव गिरे हैं। हापुड़ मंडी में करीब एक हजार किसान निरंतर सब्जियां बेचते हैं। सभी लोग इससे प्रभावित हैं।
श्याम कुमार आढ़ती ने बताया कि टमाटर की स्थिति काफी खराब है। शादी समारोह और रेस्टोरेंट आदि बंद होने से काफी प्रभाव पड़ा है। कोरोना कर्फ्यू लंबा खिंचता है तो स्थिति और खराब होगी। खरीदार न मिलने से किसान मंडी में ही सब्जी छोड़कर जा रहे हैं।
किसान भीम सिंह का कहना है कि टमाटर के हालात काफी खराब हैं। मांग न होने के कारण टमाटर की तुड़ाई प्रभावित हो रही है और खेत में ही टमाटर खराब हो रही है। इस बार टमाटर किसानों को लागत भी नहीं मिल रही है। पिछले साल भी किसानों को काफी नुकसान हुआ।
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सब्जियों की डिमांड घटने से हुआ नुकसान
कोरोना कर्फ्यू के बाद से मंडियां प्रभावित हुई हैं। शादी विवाह, रेस्टोरेंट और दूसरे प्रतिष्ठान बंद होने से सब्जियों की डिमांड प्रभावित हुई है। सबसे बड़ा झटका गाजीपुर और दूसरी बाहर की मंडियों को फल और सब्जियां भेजने वाले किसानों को लगा है। जिले से कोरोना कर्फ्यू से पहले करीब 50 लाख, जबकि हापुड़ मंडी में प्रतिदिन करीब 15 लाख की सब्जी व फल बेची जाती थी। दिल्ली में सब्जियों की डिमांड घटने के बाद मात्र बीस प्रतिशत आपूर्ति रह गई है। जिले के किसानों को करीब 30 लाख का फटका लगा है।
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सात सौै हेक्टेयर में होती है टमाटर की खेती
जिले में करीब ढाई हजार हेक्टेयर में सब्जियों का उत्पादन होता है। इसमें करीब सात सौ हेक्टेयर की खेती टमाटर की है। करीब इतने ही रकबे में बैंगन, हरी मिर्च हैं। करीब छह हेक्टेयर में लोकी और तौरी की फसल है। बाकी में अन्य सब्जियां हैं। वर्तमान में टमाटर, बैंगन और हरी मिर्च की स्थिति बेहद खराब है। टमाटर मंडी में किसानों को मात्र दो रुपये प्रति किलो के भाव दे रहा है। टमाटर के किसानों को उसकी पूरी लागत भी नहीं मिल पा रही है।
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सब्जी मंडी भाव बाजार भाव
टमाटर 2 रुपये 10 रुपये
बैंगन 5 रुपये 15 रुपये
हरी मिर्च 10 रुपये 20 रुपये
तौरी 5 रुपये 25 रुपये
लोकी 4 रुपये 15 रुपये
खीरा 5 रुपये 15 रुपये
नींबू 80 रुपये 140 रुपये
तरबूज 5 रुपये 20 रुपये
खरबूजा 10 रुपये 30 रुपये
प्याज 15 रुपये 25 रुपये
मंडी समिति के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू काल में बाहर की मंडियों में सब्जी की डिमांड घटी है। ऐसे में मंडी में सब्जियों के भाव गिरे हैं। हापुड़ मंडी में करीब एक हजार किसान निरंतर सब्जियां बेचते हैं। सभी लोग इससे प्रभावित हैं।
श्याम कुमार आढ़ती ने बताया कि टमाटर की स्थिति काफी खराब है। शादी समारोह और रेस्टोरेंट आदि बंद होने से काफी प्रभाव पड़ा है। कोरोना कर्फ्यू लंबा खिंचता है तो स्थिति और खराब होगी। खरीदार न मिलने से किसान मंडी में ही सब्जी छोड़कर जा रहे हैं।
किसान भीम सिंह का कहना है कि टमाटर के हालात काफी खराब हैं। मांग न होने के कारण टमाटर की तुड़ाई प्रभावित हो रही है और खेत में ही टमाटर खराब हो रही है। इस बार टमाटर किसानों को लागत भी नहीं मिल रही है। पिछले साल भी किसानों को काफी नुकसान हुआ।