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स्वच्छ पेयजल के लिए 130 करोड़ का भेजा प्रस्ताव
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स्वच्छ पेयजल के लिए 130 करोड़ का भेजा प्रस्ताव
हापुड़। जल जीवन मिशन व जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत गांवों में हर घर को नल से जल के तहत योजना का क्रियान्वन होता नजर आ रहा है। जल निगम ने जिले के 141 गांवों का सर्वे करते हुए 58 गांवों की डीपीआर तैयार कर ली है। जिसके बाद योजना के क्रियान्वयन के लिए अब विभाग द्वारा 130 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है।
शासन की मंशा है कि वर्ष 2024 तक हर घर को नल से जल मिल सके। इसके लिए जिले में योजना के क्रियान्वन के लिए कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत ओवर हैड टैंक के निर्माण के साथ पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इस योजना के लिए हाल ही में जिले को शासन द्वारा पंद्रह करोड़ रुपये की धनराशि जारी हुई थी। बड़ी बात है कि जल निगम द्वारा योजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 141 गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। जिनमें 58 गांवों की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। फिलहाल इन 58 गांवों की डीपीआर के माध्यम से करीब 130 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
इस संबंध में हाल ही में शासन द्वारा जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर योजना के क्रियान्वयन के लिए चयनित गांवों के कलस्टर के रूप को चयनित कर कार्य तेज करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा लोगों में पानी के कनेक्शन लेने के लिए उन्हें प्रेरित करना भी शामिल था। योजना को गति देने के लिए हाल में ही डीएम अनुज सिंह द्वारा भी संबंधित अधिकारियों की बैठक ली गई थी।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता विनय रावत का कहना है कि 141 गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इनमें से 58 गांवों की डीपीआर तैयार कर ली गई है। नए वित्तीय वर्ष में करीब 130 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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एक ओवरहैड बनने की कीमत रहेगी करीब ढाई करोड़
गांवों में एक ओवरहैड टैंक के साथ पाइप लाइन बिछाने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। ओवरहैड निर्माण के बाद गांवों में हर परिवार को शुद्ध पानी मुहैया कराने की योजना है, लेकिन इसके लिए ग्रामीणों को कनेक्शन लेना पड़ेगा। योजना के तहत ग्रामीणों को इसके लिए प्रेरित भी करना होगा। दरअसल, ग्रामीणों से कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा। ऐसे में ग्रामीण कनेक्शन लेने के लिए आनाकानी कर सकते हैं। लेकिन गठित समितियां उन्हें इसके फायदे बताकर उन्हें इसके लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगी।
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हापुड़। जल जीवन मिशन व जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत गांवों में हर घर को नल से जल के तहत योजना का क्रियान्वन होता नजर आ रहा है। जल निगम ने जिले के 141 गांवों का सर्वे करते हुए 58 गांवों की डीपीआर तैयार कर ली है। जिसके बाद योजना के क्रियान्वयन के लिए अब विभाग द्वारा 130 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है।
शासन की मंशा है कि वर्ष 2024 तक हर घर को नल से जल मिल सके। इसके लिए जिले में योजना के क्रियान्वन के लिए कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत ओवर हैड टैंक के निर्माण के साथ पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इस योजना के लिए हाल ही में जिले को शासन द्वारा पंद्रह करोड़ रुपये की धनराशि जारी हुई थी। बड़ी बात है कि जल निगम द्वारा योजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 141 गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। जिनमें 58 गांवों की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। फिलहाल इन 58 गांवों की डीपीआर के माध्यम से करीब 130 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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इस संबंध में हाल ही में शासन द्वारा जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर योजना के क्रियान्वयन के लिए चयनित गांवों के कलस्टर के रूप को चयनित कर कार्य तेज करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा लोगों में पानी के कनेक्शन लेने के लिए उन्हें प्रेरित करना भी शामिल था। योजना को गति देने के लिए हाल में ही डीएम अनुज सिंह द्वारा भी संबंधित अधिकारियों की बैठक ली गई थी।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता विनय रावत का कहना है कि 141 गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इनमें से 58 गांवों की डीपीआर तैयार कर ली गई है। नए वित्तीय वर्ष में करीब 130 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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एक ओवरहैड बनने की कीमत रहेगी करीब ढाई करोड़
गांवों में एक ओवरहैड टैंक के साथ पाइप लाइन बिछाने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। ओवरहैड निर्माण के बाद गांवों में हर परिवार को शुद्ध पानी मुहैया कराने की योजना है, लेकिन इसके लिए ग्रामीणों को कनेक्शन लेना पड़ेगा। योजना के तहत ग्रामीणों को इसके लिए प्रेरित भी करना होगा। दरअसल, ग्रामीणों से कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा। ऐसे में ग्रामीण कनेक्शन लेने के लिए आनाकानी कर सकते हैं। लेकिन गठित समितियां उन्हें इसके फायदे बताकर उन्हें इसके लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगी।