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कृषि कानूनों के विरोध में हाथों में तिरंगा लेकर खेड़ा से गाजीपुर तक दौड़े युवा
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गाजीपुर किसान आंदोलन में जाते युवा।
- फोटो : HAPUR
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कृषि कानूनों के विरोध में हाथों में तिरंगा लेकर खेड़ा से गाजीपुर तक दौड़े युवा
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में हापुड़ जिले के गांव खेड़ा से 70 युवा राष्ट्रीय ध्वज को हाथ में लिए गाजीपुर बॉर्डर तक दौड़े। इस दौरान सरकार की नीतियों का विरोध किया और कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई। करीब 70 किलोमीटर तक युवाओं ने दौड़ लगाकर लोगों में आंदोलन के प्रति चेतना भी फैलायी। जिले से बड़ी संख्या में किसानों ने दूध, सब्जी, आटा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचाया। गांव में भी कार्यकर्ता चौपाल लगाकर किसानों को आंदोलन से जोड़ रहे हैं।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान बीते करीब तीन महीने से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। प्रत्येक जिले से किसान आंदोलन में पहुंच रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन को रफ्तार दे रहे हैं। जिसमें हापुड़ जिले के किसान बड़ी सहभागिता निभा रहे हैं। बुधवार को गांव खेड़ा से भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में गांव के ही 70 युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पैदल ही गाजीपुर बॉर्डर तक दौड़े। खेड़ा से गाजीपुर बॉर्डर की दूरी करीब 70 किलोमीटर तक पड़ती है, ऐसे में युवाओं ने पैदल ही यह दूरी तय कर लोगों तक कृषि कानूनों के प्रति अपनी नाराजगी को पहुंचाया। युवाओं ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है, जिसके चलते यह कानून लागू किए गए हैं।
युवा वर्ग पहले ही फसलों से उचित दाम नहीं मिलने के कारण खेती से दूरी बना रहा है। ऐसे में तीनों कानूनों के चलते युवा पहले से अधिक खेती से दूर हो जाएगा। सरकार रोजगारों का सृजन भी नहीं कर रही है, ऐसे में युवाओं का भविष्य अंधकार मय होगा। इसी के विरोध में युवाओं ने करीब 70 किलोमीटर तक झंडा यात्रा निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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गांव से किसान ने आंदोलनकारियों के लिए दूध, गैस सिलेंडर, सब्जी, आटा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से पहुंचाया। गाजीपुर बॉर्डर तक दौड़ लगाने वालों में चौधरी करणपाल सिंह, चौधरी विनोद, सतेंद्र सिंह, विरेश कुमार, अशोक मास्टर, कुंवरपाल, कपिल, अनुज, प्रदीप, जीत सिंह, कृष्ण कुमार, ऊपन, सुमित, अरविंद, मनी, सुखपाल सिंह, राहुल, शैली, रिंकू, जोनी, अंकित, अंकुर, रोबिन, राजू, दादू, योगेश, अमित, मोंटू, विवेक आदि मौजूद रहे।
उधर, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन के निर्देशन में भाकियू के तहसील अध्यक्ष भगतराम, अनुज कुमार, रामपाल सिंह, उदयवीर मुखिया, टेनपाल सिंह ने गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ा। साथ ही तीनों कृषि कानूनों की खामियों से किसानों को अवगत कराया।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में हापुड़ जिले के गांव खेड़ा से 70 युवा राष्ट्रीय ध्वज को हाथ में लिए गाजीपुर बॉर्डर तक दौड़े। इस दौरान सरकार की नीतियों का विरोध किया और कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई। करीब 70 किलोमीटर तक युवाओं ने दौड़ लगाकर लोगों में आंदोलन के प्रति चेतना भी फैलायी। जिले से बड़ी संख्या में किसानों ने दूध, सब्जी, आटा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचाया। गांव में भी कार्यकर्ता चौपाल लगाकर किसानों को आंदोलन से जोड़ रहे हैं।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान बीते करीब तीन महीने से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। प्रत्येक जिले से किसान आंदोलन में पहुंच रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन को रफ्तार दे रहे हैं। जिसमें हापुड़ जिले के किसान बड़ी सहभागिता निभा रहे हैं। बुधवार को गांव खेड़ा से भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में गांव के ही 70 युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पैदल ही गाजीपुर बॉर्डर तक दौड़े। खेड़ा से गाजीपुर बॉर्डर की दूरी करीब 70 किलोमीटर तक पड़ती है, ऐसे में युवाओं ने पैदल ही यह दूरी तय कर लोगों तक कृषि कानूनों के प्रति अपनी नाराजगी को पहुंचाया। युवाओं ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है, जिसके चलते यह कानून लागू किए गए हैं।
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युवा वर्ग पहले ही फसलों से उचित दाम नहीं मिलने के कारण खेती से दूरी बना रहा है। ऐसे में तीनों कानूनों के चलते युवा पहले से अधिक खेती से दूर हो जाएगा। सरकार रोजगारों का सृजन भी नहीं कर रही है, ऐसे में युवाओं का भविष्य अंधकार मय होगा। इसी के विरोध में युवाओं ने करीब 70 किलोमीटर तक झंडा यात्रा निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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गांव से किसान ने आंदोलनकारियों के लिए दूध, गैस सिलेंडर, सब्जी, आटा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से पहुंचाया। गाजीपुर बॉर्डर तक दौड़ लगाने वालों में चौधरी करणपाल सिंह, चौधरी विनोद, सतेंद्र सिंह, विरेश कुमार, अशोक मास्टर, कुंवरपाल, कपिल, अनुज, प्रदीप, जीत सिंह, कृष्ण कुमार, ऊपन, सुमित, अरविंद, मनी, सुखपाल सिंह, राहुल, शैली, रिंकू, जोनी, अंकित, अंकुर, रोबिन, राजू, दादू, योगेश, अमित, मोंटू, विवेक आदि मौजूद रहे।
उधर, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन के निर्देशन में भाकियू के तहसील अध्यक्ष भगतराम, अनुज कुमार, रामपाल सिंह, उदयवीर मुखिया, टेनपाल सिंह ने गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ा। साथ ही तीनों कृषि कानूनों की खामियों से किसानों को अवगत कराया।