{"_id":"60199a048ebc3e36e26090be","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd213056091","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजीकरण के विरोध में आज हड़ताल पर रहेंगे विद्युत कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजीकरण के विरोध में आज हड़ताल पर रहेंगे विद्युत कर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजीकरण के विरोध में आज हड़ताल पर रहेंगे विद्युत कर्मी
हापुड़। निजीकरण व अन्य समस्याओं का निस्तारण न होने के विरोध में विद्युत निगम के कर्मचारी आज हड़ताल पर रहेंगे। सुबह 10 बजे से एसई कार्यालय के बाहर धरना शुरू होगा। बिल काउंटर भी बंद रखने का दावा किया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को जरूरी कार्य निपटाने में परेशानी होगी। ऐसे में संविदा कर्मियों के भरोसे ही बिजलीघर चलेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि सरकार बिजली के निजीकरण का प्रयास कर रही है, जबकि विद्युत कर्मचारी बीते कई सालों से इसका विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी प्रमुख मांगों में इलेक्ट्रिसिटी बिल 2020 एवं विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए लाए जा रहे स्टेंडर्ड बिडिंग दस्तावेजों को निरस्त किया जाए।
निजीकरण की केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़ व पुडूचेरी व किसी भी प्रांत में चल रही प्रक्रिया वापस ली जाए। ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द किया जाए, सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत कर उत्पादन, पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए केरल के इसईबी लिमिटेड व हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह उत्तर प्रदेश में भी यूपीएसईडी लिमिटेड गठित किया जाए।
विज्ञापन
इन मांगों के निस्तारण को लेकर बिजली कर्मचारी बुधवार को एसई कार्यालय पर कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन करेंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं को जरूरी कार्य निपटाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बिल काउंटरों को भी बंद रखने का दावा किया गया है।
विज्ञापन
हापुड़। निजीकरण व अन्य समस्याओं का निस्तारण न होने के विरोध में विद्युत निगम के कर्मचारी आज हड़ताल पर रहेंगे। सुबह 10 बजे से एसई कार्यालय के बाहर धरना शुरू होगा। बिल काउंटर भी बंद रखने का दावा किया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को जरूरी कार्य निपटाने में परेशानी होगी। ऐसे में संविदा कर्मियों के भरोसे ही बिजलीघर चलेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि सरकार बिजली के निजीकरण का प्रयास कर रही है, जबकि विद्युत कर्मचारी बीते कई सालों से इसका विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी प्रमुख मांगों में इलेक्ट्रिसिटी बिल 2020 एवं विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए लाए जा रहे स्टेंडर्ड बिडिंग दस्तावेजों को निरस्त किया जाए।
विज्ञापन
निजीकरण की केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़ व पुडूचेरी व किसी भी प्रांत में चल रही प्रक्रिया वापस ली जाए। ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द किया जाए, सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत कर उत्पादन, पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए केरल के इसईबी लिमिटेड व हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह उत्तर प्रदेश में भी यूपीएसईडी लिमिटेड गठित किया जाए।
विज्ञापन
इन मांगों के निस्तारण को लेकर बिजली कर्मचारी बुधवार को एसई कार्यालय पर कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन करेंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं को जरूरी कार्य निपटाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बिल काउंटरों को भी बंद रखने का दावा किया गया है।