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गंगा एक्सप्रेस वे योजना में बदलाव के विरोध में महा पंचायत आज
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गंगा एक्सप्रेस वे योजना में बदलाव के विरोध में महापंचायत आज
हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जाने वाले 628 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के नए एलाइनमेंट में हापुड़ जिले के 40 गांव बाहर होने के बाद संबंधित ग्रामीणों ने विरोध का बिगुल बजा दिया है। नए एलाइनमेंट में एक्सप्रेस-वे को बिजौली गांव से बुलंदशहर के लिए निकाला जा रहा है। संबंधित गांवों के ग्रामीणों ने पीएम को पुराने एलाइनमेंट पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने की मांग करते हुए पत्र भेजा है। इसके लिए रणनीति तय करने के लिए रविवार को श्यामपुर जट्ट गांव स्थित इंटर कालेज में महापंचायत का आह्वान किया गया है।
जिले से होकर गुजरने वाली महायोजना गंगा एक्सप्रेस -वे को लेकर संबंधित गांवों के लोग खासे उत्साहित थे। लेकिन गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रिया में बदलाव हो गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए एमएन मालवीय कंसलटेंट की नियुक्ति भी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे के औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इसके निर्माण में हापुड़ के 67 गांवों के बजाए केवल 27 गांवों को शामिल किया है। जिससे हाजीपुर से चांदनेर को होकर जाने के बजाए, अब हाईवे मेरठ के बिजौली से हापुड़ के कुछ ही गांव होता हुआ बुलंदशहर की ओर बनाया जाएगा। नए एलाइनमेंट से हापुड़ जिले के 40 गांव बाहर हो गए है। ऐसे में इन 40 गांवों के ग्रामीणों ने नए एलाइनमेंट का विरोध करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर पूराने एलाइनमेंट पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने की मांग की। मुजफ्फरा बागड़पुर निवासी भाजपा के मंडल अध्यक्ष पोपिन कसाना ने बताया कि पुराने एलाइनमेंट में हापुड़ के 67 गांव शामिल हैं। इस हाईवे का इन गांवों से निकलना ब्रजघाट तीर्थ नगरी को पयर्टन नगरी के रूप में विकसित करने में सहायक होगा। अब नई एलाइनमेंट में इसकी उपेक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि पुराने एलाइनमेंट से हाईवे का निर्माण होने से 34 किलोमीटर की दूरी कम होगी, जबकि हाईवे के लिए समतल भूमि मिलेगी। लेकिन तब भी हाईवे को बुलंदशहर से होकर निकाला जा रहा है। बताया कि नए एलाइनमेंट के विरोध में आज रविवार को श्यामपुर जट्ट गांव में 40 गांवों के किसानों की महापंचायत होगी। जिसमें संबंधित गांवों के प्रधान और संबंधित क्षेत्रों के जिला पंचायत सदस्य भी भाग लेंगे। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेजा गया है।
पत्र में बहरामपुर बाढ़ली के प्रधान अब्दुल वारी, मुजफ्फरा बागड़पुर के अमर सिंह, अट्टा धनावली की माधवी सिंह प्रधानों के अलावा नरेश पाल, बब्बू पाल, सचिन कसाना, सचिन कुमार, संजय शर्मा, प्रमोद कुमार, नितिन आदि के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
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हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जाने वाले 628 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के नए एलाइनमेंट में हापुड़ जिले के 40 गांव बाहर होने के बाद संबंधित ग्रामीणों ने विरोध का बिगुल बजा दिया है। नए एलाइनमेंट में एक्सप्रेस-वे को बिजौली गांव से बुलंदशहर के लिए निकाला जा रहा है। संबंधित गांवों के ग्रामीणों ने पीएम को पुराने एलाइनमेंट पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने की मांग करते हुए पत्र भेजा है। इसके लिए रणनीति तय करने के लिए रविवार को श्यामपुर जट्ट गांव स्थित इंटर कालेज में महापंचायत का आह्वान किया गया है।
जिले से होकर गुजरने वाली महायोजना गंगा एक्सप्रेस -वे को लेकर संबंधित गांवों के लोग खासे उत्साहित थे। लेकिन गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रिया में बदलाव हो गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए एमएन मालवीय कंसलटेंट की नियुक्ति भी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे के औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इसके निर्माण में हापुड़ के 67 गांवों के बजाए केवल 27 गांवों को शामिल किया है। जिससे हाजीपुर से चांदनेर को होकर जाने के बजाए, अब हाईवे मेरठ के बिजौली से हापुड़ के कुछ ही गांव होता हुआ बुलंदशहर की ओर बनाया जाएगा। नए एलाइनमेंट से हापुड़ जिले के 40 गांव बाहर हो गए है। ऐसे में इन 40 गांवों के ग्रामीणों ने नए एलाइनमेंट का विरोध करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर पूराने एलाइनमेंट पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने की मांग की। मुजफ्फरा बागड़पुर निवासी भाजपा के मंडल अध्यक्ष पोपिन कसाना ने बताया कि पुराने एलाइनमेंट में हापुड़ के 67 गांव शामिल हैं। इस हाईवे का इन गांवों से निकलना ब्रजघाट तीर्थ नगरी को पयर्टन नगरी के रूप में विकसित करने में सहायक होगा। अब नई एलाइनमेंट में इसकी उपेक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि पुराने एलाइनमेंट से हाईवे का निर्माण होने से 34 किलोमीटर की दूरी कम होगी, जबकि हाईवे के लिए समतल भूमि मिलेगी। लेकिन तब भी हाईवे को बुलंदशहर से होकर निकाला जा रहा है। बताया कि नए एलाइनमेंट के विरोध में आज रविवार को श्यामपुर जट्ट गांव में 40 गांवों के किसानों की महापंचायत होगी। जिसमें संबंधित गांवों के प्रधान और संबंधित क्षेत्रों के जिला पंचायत सदस्य भी भाग लेंगे। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेजा गया है।
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पत्र में बहरामपुर बाढ़ली के प्रधान अब्दुल वारी, मुजफ्फरा बागड़पुर के अमर सिंह, अट्टा धनावली की माधवी सिंह प्रधानों के अलावा नरेश पाल, बब्बू पाल, सचिन कसाना, सचिन कुमार, संजय शर्मा, प्रमोद कुमार, नितिन आदि के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
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