फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

कृषि विधेयक के विरोध में हाईवे पर किसानों का कब्जा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
hapur news
सिंभावली में नेशनल हाईवे पर बैठकर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : GARH
कृषि विधेयक के विरोध में किसानों ने किया चक्काजाम
विज्ञापन

हापुड़। कृषि विधेयक के विरोध में शुक्रवार को ततारपुर बाईपास (एनएच-24) पर किसानों का पांच घंटे कब्जा रहा। भाकियू और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के आह्वान पर किसानों ने हाईवे की दोनों सड़कों तरफ ट्रैक्टर ट्रॉली खड़े करके चक्काजाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। इससे पुलिस, प्रशासन में अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। इसके अलावा सपा, कांग्रेस और रालोद ने भी जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
कृषि बिल को लेकर भाकियू हाईकमान ने 25 सितंबर को चक्का जाम का एलान किया था। सुबह करीब 10 बजे से ही किसान हापुड़ में प्रस्तावित ततारपुर बाईपास पर एकत्र होना शुरू हो गए। किसानों ने हाईवे पर तंबू गाड़ने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उसे उखाड़ दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हो गई।
विज्ञापन

दोनों तरफ से हुए विरोध के बाद तंबू को बीच सड़क पर नहीं गाड़ने दिया गया। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे तंबू गाड़ा। मौके पर एडीएम जयनाथ सिंह, एएसपी सर्वेश कुमार मिश्र भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे और कार्यकर्ताओं से ट्रैफिक को बाधित नहीं करने की अपील की। लेकिन किसानों ने एक नहीं सुनी और हाईवे जाम कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने हाईवे की दूसरी सड़क को भी ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर जाम कर दिया। ऐसे में हाईवे पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया। गढ़ की तरफ जाने वाले वाहनों को किठौर रोड होकर निकाला गया। किसानों का करीब 5 घंटे तक हाईवे पर कब्जा रहा। इस दौरान नारेबाजी, हंगामा, सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
इस दौरान भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री व पूर्व मंडल सचिव ज्ञानेश्वर त्यागी ने कहा भाजपा की सरकार किसान विरोधी है। कृषि विधेयक से कंपनी राज को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा असर किसानों की जीविका पर पड़ेगा। शुरूआत से ही संपूर्ण देश में इस बिल का विरोध किया जा रहा है। लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू नेता कुशलपाल आर्य, यशवीर सिंह, जतिन चौधरी, रामपाल सिंह, नितिन बाना ने कहा सरकार को इस बिल को वापस लेना ही होगा। किसान संगठन इसका विरोध जारी रखेगा। देश में किसानों का अहित चाहने वाले काले कानून को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू के आंदोलन में योगेश्वर त्यागी, भगतराम, उदयवीर सिंह मुखिया, टेनपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, सौरभ उपाध्याय, अनुराग त्यागी, मोहित त्यागी, यशवीर सिंह, भगतराम, जुगवेंद्र, सुखपाल, मनवीर, धर्मवीर, पप्पू, श्रीभगवान, राजकुमार त्यागी, ज्ञानेंद्र, महेश जाटव, पूरन, अमानत अली आदि मौजूद रहे।
उधर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुकेश त्यागी ने कहा तीनों कृषि बिल किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इनका विरोध पूरे देश में हो रहा है। ऐसे में सरकार को बिना देरी किए इस बिल को वापस लेना चाहिए। इस मौके पर परमेंद्र ढिल्लन, ज्ञानेंद्र त्यागी, विरेश चौधरी, नरेंद्र चौधरी, निरंजन शास्त्री, चौधरी वीरपाल, धनवीर आदि मौजूद रहे।
वाहन चालकों से हुई नोकझोंक-
ततारपुर बाईपास पर धरना स्थल से गुजर रहे वाहन सवारों से किसानों की काफी नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में रूट डायवर्ट होने से वाहनों का आवागमन वहां बंद हो गया।
फोटो संख्या
खिचड़ी का किया वितरण
धनौरा के ग्राम प्रधान पति योगेश्वर त्यागी ने भाकियू के आंदोलन के दौरान खिचड़ी का वितरण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने खिचड़ी खाकर भूख से निजात पाई।
फोटो संख्या--04
सपाइयों ने कृषि विधेयक पर जताया विरोध-
सपा कार्यकर्ताओं ने कृषि विधेयक का कड़ा विरोध किया। जिलाध्यक्ष तेजपाल प्रमुख, संजय गहलौत, मोहम्मद इमरान ने कहा भाजपा सरकार की नीतियों से किसान और श्रमिकों के हितों को गहरा आघात लग रहा है। इन नीतियों से कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा, जबकि किसानों और श्रमिकों की बदहाली और बढ़ेगी। इस मौके पर मोहम्मद इमरान, मंजू जाटव, पुरुषोत्तम वर्मा, सुल्तान खान, असलम मंसूरी, रीता चौधरी, पियूष, कुनाल आदि मौजूद रहे।
-किसानों का हक छीनना चाहती है सरकार
भाकियू के आंदोलन में समर्थन देने पहुुंचे सपा नेता सचिन दयाल ने कहा सरकार किसानों का मालिकाना हक छीनना चाहती है। इस कानून से एमएसपी सुनिश्चित करने वाली मंडियां धीरे धीरे खत्म हो जाएंगी। किसानों को फसल का लाभप्रद तो दूर निर्धारित उचित दाम भी नहीं मिलेगा।
फोटो संख्या--42
रालोद ने विरोध का किया समर्थन-
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने तहसील चौराहा स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर एकत्र होकर कृषि विधेयक का कड़ा विरोध किया। प्रदेश सचिव प्रोफेसर अब्बास अली ने कहा भाजपा शासन में देश की सीमा सुरक्षित नहीं, चीन एलएसी पर 3800 वर्ग किलोमीटर जमीन दबाए बैठा है। ऐसे में किसान विरोधी बिल थोपकर किसानों की रीढ़ तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विरोध जताने वालों में हेमंत मिश्रा, शिवकुमार चौधरी, जेकी जाटव, जफर आलम, रिंकु कुमार, जितेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार, अनुज अग्रवाल, प्रिंस कुमार, विकास वर्मा, तरूण कांत, मनीष शर्मा, योगेश जाखड़ आदि मौजूद रहे।

फोटो संख्या--44
कृषि बिल से कंपनी राज को मिलेगा बढ़ावा - मलूक सिंह
राष्ट्रीय किसान संगठन के सचिव मलूक सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय किसान संगठन ने इस कानून से कंपनी राज को बढ़ावा मिलने का अंदेशा जताया है। जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। जब तक इस बिल का वापस नहीं लिया जाएगा संगठन अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed