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प्रतिबंधित पॉलीथिन पर नहीं लग पा रही लगाम
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धड़ल्ले से पॉलिथीन का हो रहा उपयोग, आदेश फुस्स
हापुड़। शहर में प्रतिबंधित पॉलीथिन का फिर से प्रयोग होने लगा है। पॉलीथिन प्रयोग पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है। पालिका अफसरों की जुर्माना वसूलने की कार्रवाई पश्चात भी शासन के सख्त आदेश फुस्स साबित हो रहे हैं।
शासन से प्रतिबंधित पॉलीथिन पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। इसमें एक निर्धारित सीमा (50 माइक्रोन) वाली पॉलीथिन का प्रयोग वर्जित है। इसको लेकर नगर पालिका परिषद हापुड़ के अफसर कर्मचारी जागरूक भी कर चुके हैं। इससे होने वाले नुकसानों से भी लोगों को अवगत करा चुके हैं। फिर भी प्रयोग करने वालों के खिलाफ शासनादेशों का उल्लंघन मानकर कार्रवाई की जा रही है।
नगर पालिका अफसर प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इनके खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है। अफसरों की कार्रवाई का काफी प्रभाव पड़ा था, लेकिन फिर से हर हाथ में प्रतिबंधित पॉलीथिन पहुंच रही है। शहर में ठेले, खोमचे व दुकानों पर पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है।
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-दो से 25 हजार तक जुर्माना
नगर पालिका अफसर प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने को लेकर कार्रवाई कर सकते हैं। वह शासनादेशों का उल्लंघन मानते हुए दो से लेकर 25 हजार रुपये का जुर्माना करने की कार्रवाई कर सकते हैं। फिर भी प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रयोग करने को लेकर कोई भय नहीं दिख रहा है।
जूट के बैग का करें प्रयोग
- प्रतिबंधित पॉलीथिन के बजाय अन्य विकल्पों का प्रयोग किया जा सकता है। जूट के बैग आदि का प्रयोग कर प्रतिबंधित पॉलीथिन के प्रयोग से छ़ुटकारा पाया जा सकता है। पॉलीथिन के प्रयोग से होने वाली बीमारियों से बहुत हद तक बचा जा सकता है।
नगर पालिकाध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत ने बताया कि प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अगर फिर भी कोई शासनादेशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से प्रतिबंधित पॉलीथिन के बजाय अन्य विकल्पों का प्रयोग करने की अपील की है। जिससे हापुड़ शहर को स्वच्छ भी बनाया जा सके।
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हापुड़। शहर में प्रतिबंधित पॉलीथिन का फिर से प्रयोग होने लगा है। पॉलीथिन प्रयोग पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है। पालिका अफसरों की जुर्माना वसूलने की कार्रवाई पश्चात भी शासन के सख्त आदेश फुस्स साबित हो रहे हैं।
शासन से प्रतिबंधित पॉलीथिन पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। इसमें एक निर्धारित सीमा (50 माइक्रोन) वाली पॉलीथिन का प्रयोग वर्जित है। इसको लेकर नगर पालिका परिषद हापुड़ के अफसर कर्मचारी जागरूक भी कर चुके हैं। इससे होने वाले नुकसानों से भी लोगों को अवगत करा चुके हैं। फिर भी प्रयोग करने वालों के खिलाफ शासनादेशों का उल्लंघन मानकर कार्रवाई की जा रही है।
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नगर पालिका अफसर प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इनके खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है। अफसरों की कार्रवाई का काफी प्रभाव पड़ा था, लेकिन फिर से हर हाथ में प्रतिबंधित पॉलीथिन पहुंच रही है। शहर में ठेले, खोमचे व दुकानों पर पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है।
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-दो से 25 हजार तक जुर्माना
नगर पालिका अफसर प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने को लेकर कार्रवाई कर सकते हैं। वह शासनादेशों का उल्लंघन मानते हुए दो से लेकर 25 हजार रुपये का जुर्माना करने की कार्रवाई कर सकते हैं। फिर भी प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रयोग करने को लेकर कोई भय नहीं दिख रहा है।
जूट के बैग का करें प्रयोग
- प्रतिबंधित पॉलीथिन के बजाय अन्य विकल्पों का प्रयोग किया जा सकता है। जूट के बैग आदि का प्रयोग कर प्रतिबंधित पॉलीथिन के प्रयोग से छ़ुटकारा पाया जा सकता है। पॉलीथिन के प्रयोग से होने वाली बीमारियों से बहुत हद तक बचा जा सकता है।
नगर पालिकाध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत ने बताया कि प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अगर फिर भी कोई शासनादेशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से प्रतिबंधित पॉलीथिन के बजाय अन्य विकल्पों का प्रयोग करने की अपील की है। जिससे हापुड़ शहर को स्वच्छ भी बनाया जा सके।