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कोहरे की सफेद चादर में लिपटा हापुड़ शहर, सड़कों पर रेंगे वाहन
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कोहरे की सफेद चादर में लिपटा शहर, सड़कों पर रेंगे वाहन
हापुड़। पिछले कई दिन से सामान्य रहा मौसम रविवार को करवट बदल गया। घने कोहरे की सफेद चादर में सुबह 10 बजे तक शहर ढका रहा। हालांकि इसके बाद चटक धूप से धुंध कम हो गई, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिली। कोहरे के कारण हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई, एक्यूआई 154 दर्ज किया गया। यह मौसम सांस रोगियों के लिए खतरनाक बताया जा रहा है।
दिसंबर के अंत में जहां कंपकंपाती सर्दी से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया था। जनवरी में सर्दी का वह असर अब देखने को नहीं मिल रहा है। साफ आसमान और चटक धूप ने सर्दी के प्रकोप को काफी हद तक कम कर दिया है। लेकिन रविवार सुबह अचानक घना कोहरा आने से लोग परेशान हो गए।
आलम यह रहा कि तड़के तीन बजे से सुबह 10 बजे तक पूरा शहर सफेद कोहरे की चादर से ढका रहा। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। हादसे से बचने के लिए वाहन एक के पीछे एक होकर छीमी गति से चल रहे थे। उधर, कोहरे के कारण हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई। जिसके चलते शहर में एक्यूआई 154 दर्ज किया गया। बहरहाल, कोहरे के बाद चटक धूप ने सर्दी का असर काफी हद तक कम कर दिया। रविवार को लोगों ने जमकर धूप का लुफ्त उठाया।
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-सांस रोगियों के लिए खतरनाक है कोहरा-
सांस रोगियों के लिए कोहरा भरा मौसम काफी हानिकारक है। ऐेसे मरीज कोहरा छाने पर घरों के अंदर ही रहें तो ज्यादा बेहतर है। चिकित्सकों का कहना है कि श्वांस संबंधी रोगी मौसम साफ होने पर ही घरों से बाहर निकलें। नियमित दवा लें, समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
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हापुड़। पिछले कई दिन से सामान्य रहा मौसम रविवार को करवट बदल गया। घने कोहरे की सफेद चादर में सुबह 10 बजे तक शहर ढका रहा। हालांकि इसके बाद चटक धूप से धुंध कम हो गई, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिली। कोहरे के कारण हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई, एक्यूआई 154 दर्ज किया गया। यह मौसम सांस रोगियों के लिए खतरनाक बताया जा रहा है।
दिसंबर के अंत में जहां कंपकंपाती सर्दी से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया था। जनवरी में सर्दी का वह असर अब देखने को नहीं मिल रहा है। साफ आसमान और चटक धूप ने सर्दी के प्रकोप को काफी हद तक कम कर दिया है। लेकिन रविवार सुबह अचानक घना कोहरा आने से लोग परेशान हो गए।
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आलम यह रहा कि तड़के तीन बजे से सुबह 10 बजे तक पूरा शहर सफेद कोहरे की चादर से ढका रहा। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। हादसे से बचने के लिए वाहन एक के पीछे एक होकर छीमी गति से चल रहे थे। उधर, कोहरे के कारण हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई। जिसके चलते शहर में एक्यूआई 154 दर्ज किया गया। बहरहाल, कोहरे के बाद चटक धूप ने सर्दी का असर काफी हद तक कम कर दिया। रविवार को लोगों ने जमकर धूप का लुफ्त उठाया।
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-सांस रोगियों के लिए खतरनाक है कोहरा-
सांस रोगियों के लिए कोहरा भरा मौसम काफी हानिकारक है। ऐेसे मरीज कोहरा छाने पर घरों के अंदर ही रहें तो ज्यादा बेहतर है। चिकित्सकों का कहना है कि श्वांस संबंधी रोगी मौसम साफ होने पर ही घरों से बाहर निकलें। नियमित दवा लें, समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।