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लेखाकार पर बिल गायब करने का आरोप
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लेखाकार पर बिल गायब करने का आरोप
हापुड़। डीआईओएस कार्यालय में अनियमितताओं के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर, समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई। लेखाकार पर बिलों को गायब कर, शिक्षकों को परेशान करने का भी आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष सुबोध गुप्ता ने बताया कि डीआईओएस कार्यालय में तैनात लेखाकार विद्यालयों से प्राप्त बिलों को अक्सर गायब कर देते हैं या उन बिलों से कोई प्रपत्र निकाल देते हैं। जिससे भुगतान में अत्यधिक विलंब हो रहा है।
कोषाध्यक्ष गोविंद सिंह त्यागी ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन से एनपीएस हेतु कटौती मई 2016 से की जा रही है। जिसकी धनराशि अब तक संबंधित शिक्षक और कर्मचारी के प्रान खातों में जमा नहीं है। चार महीने से ग्रांट होने के बावजूद सातवें वेतन आयोग के एरियर के भुगतान अभी तक लंबित हैं। बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का पारिश्रमिक ग्रांट होने के बावजूद नहीं मिल सका।
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जिला मंत्री श्रीकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि शिक्षकों के व्यक्तिगत चयन वेतनमान और प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति के फिक्सेशन की फाइल और उसके एरियर के बिल महीनों से कार्यालय में पड़े हुए हैं जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रतिमाह का वेतन समय से नहीं प्राप्त होगा। बोर्ड परीक्षा के कक्ष निरीक्षक का पारिश्रमिक अभी तक नहीं हो पाया है। इन समस्याओं के निस्तारण को लेकर शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
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हापुड़। डीआईओएस कार्यालय में अनियमितताओं के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर, समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई। लेखाकार पर बिलों को गायब कर, शिक्षकों को परेशान करने का भी आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष सुबोध गुप्ता ने बताया कि डीआईओएस कार्यालय में तैनात लेखाकार विद्यालयों से प्राप्त बिलों को अक्सर गायब कर देते हैं या उन बिलों से कोई प्रपत्र निकाल देते हैं। जिससे भुगतान में अत्यधिक विलंब हो रहा है।
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कोषाध्यक्ष गोविंद सिंह त्यागी ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन से एनपीएस हेतु कटौती मई 2016 से की जा रही है। जिसकी धनराशि अब तक संबंधित शिक्षक और कर्मचारी के प्रान खातों में जमा नहीं है। चार महीने से ग्रांट होने के बावजूद सातवें वेतन आयोग के एरियर के भुगतान अभी तक लंबित हैं। बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का पारिश्रमिक ग्रांट होने के बावजूद नहीं मिल सका।
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जिला मंत्री श्रीकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि शिक्षकों के व्यक्तिगत चयन वेतनमान और प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति के फिक्सेशन की फाइल और उसके एरियर के बिल महीनों से कार्यालय में पड़े हुए हैं जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रतिमाह का वेतन समय से नहीं प्राप्त होगा। बोर्ड परीक्षा के कक्ष निरीक्षक का पारिश्रमिक अभी तक नहीं हो पाया है। इन समस्याओं के निस्तारण को लेकर शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।