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बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में गरजी भाकियू
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बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में भाकियू का हंगामा
हापुड़। बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसीलों का घेराव कर, शासन की नीतियों पर रोष जताया। साथ ही बढ़ी विद्युत दरों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
हापुड़ तहसील का घेराव करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री व जतिन चौधरी ने कहा कि देश के सात राज्यों की तर्ज पर यहां के किसानों को भी निशुल्क बिजली दी जाए, बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी से सूबे का किसान आर्थिक संकट में फंस गया है। क्योंकि उपज का दाम तो अच्छा मिल नहीं रहा, खाद, बीज और पानी पर महंगाई बरस रही है।
उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह व नितिन बाना ने कहा कि सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शनों पर मिलने वाली सब्सिडी में वृद्धि की जाए। गन्ना भुगतान होने तक किसानों के बकायेदारी पर कोई कार्रवाई न की जाए।
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उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की स्थिति का भी जायजा लेना चाहिए। उत्तर प्रदेश के किसान परिवारों की मासिक आय चार हजार रुपये है। ऐसे में महंगी बिजली दरों पर वह कैसे बिल जमा करेंगे। परिवार का पालन पोषण भी मुश्किल हो रहा है।
इन मांगों के निस्तारण को लेकर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जल्द ही राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में टेनपाल सिंह, चौधरी कमल सिंह, रामपाल सिंह, नरेंद्र, त्रिलोक चंद, कालीचरन शर्मा, विनोद शर्मा, कपिल चौधरी, चौधरी इंद्रजीत सिंह, सूबेदार जहान सिंह, किशन कुमार, मांगेराम त्यागी, अनुज त्यागी, सुभाष त्यागी, ब्रजमोहन त्यागी, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसीलों का घेराव कर, शासन की नीतियों पर रोष जताया। साथ ही बढ़ी विद्युत दरों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
हापुड़ तहसील का घेराव करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री व जतिन चौधरी ने कहा कि देश के सात राज्यों की तर्ज पर यहां के किसानों को भी निशुल्क बिजली दी जाए, बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी से सूबे का किसान आर्थिक संकट में फंस गया है। क्योंकि उपज का दाम तो अच्छा मिल नहीं रहा, खाद, बीज और पानी पर महंगाई बरस रही है।
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उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह व नितिन बाना ने कहा कि सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शनों पर मिलने वाली सब्सिडी में वृद्धि की जाए। गन्ना भुगतान होने तक किसानों के बकायेदारी पर कोई कार्रवाई न की जाए।
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उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की स्थिति का भी जायजा लेना चाहिए। उत्तर प्रदेश के किसान परिवारों की मासिक आय चार हजार रुपये है। ऐसे में महंगी बिजली दरों पर वह कैसे बिल जमा करेंगे। परिवार का पालन पोषण भी मुश्किल हो रहा है।
इन मांगों के निस्तारण को लेकर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जल्द ही राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में टेनपाल सिंह, चौधरी कमल सिंह, रामपाल सिंह, नरेंद्र, त्रिलोक चंद, कालीचरन शर्मा, विनोद शर्मा, कपिल चौधरी, चौधरी इंद्रजीत सिंह, सूबेदार जहान सिंह, किशन कुमार, मांगेराम त्यागी, अनुज त्यागी, सुभाष त्यागी, ब्रजमोहन त्यागी, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।