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बरसात के बाद संक्रामक बीमारियों का कहर
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बरसात के बाद संक्रामक बीमारियों ने पसारे पैर
हापुड़। बरसात के बाद संक्रामक बीमारियां लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। वायरल बुखार के अलावा एलर्जी, दाद, फुंसी जैसी बीमारी से लोग जूझ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी ऐसे मरीजों से फुल हैं।
बरसात के मौसम में अनेक बीमारियां जन्म ले लेती हैं। हाल ही में अभी दिल्ली से आई जांच टीम को सीएचसी, नगर पालिका व गढ़ रोड के मोहल्ले में डेंगू के लार्वा मिले थे। स्वास्थ्य विभाग इसकी रोकथाम का दावा कर रहा है। लेकिन संक्रामक बीमारियों ने जिले में जरूर पैर पसार लिए हैं। वायरल बुखार ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। मरीज इस बुखार की चपेट में आकर तप रहे हैं। इसके अलावा एलर्जी, दाद, फुंसी जैसे संक्रामक रोग भी मरीजों को परेशान कर रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज एलर्जी से परेशान आ रहे हैं। चिकित्सक अचानक मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी से परेशान हैं। अस्पतालों में व्यवस्था बनाने में उनके पसीने छूट रहे हैं। शनिवार को गढ़ रोड सीएचसी में मरीजों की काफी भीड़ लगी। पर्ची कटवाने के लिए काउंटर पर लोगों का जमावड़ा रहा। इस दौरान आपस में भी काफी नोकझोंक हुई। पूरे दिन अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। अपनी बारी के लिए मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। यही हाल निजी अस्पतालों का भी रहा। वहां भी मरीजों का काफी भीड़ रही। चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों वायरल के अलावा एलर्जी, फुंसी जैसे रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे मौसम में इस तरह की बीमारी फैलती है। लेकिन इनसे बचने के लिए चिकित्सकों से सलाह जरुर लें।
एलर्जी से बचने को क्या करें
* साफ कपड़े पहनें, खानपान पर ध्यान दें।
* धूल, जहरीली घास के संपर्क में जाने से बचें।
* संक्रामक मरीजों से दूरी बनाकर रखें।
* बिना चिकित्सक के दवा का प्रयोग न करें।
-सीएमओ का कथन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पर्याप्त दवाओं का स्टॉक अस्पतालों में उपलब्ध है। चिकित्सकों को समय से अस्पताल में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही न बरती जाए।
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हापुड़। बरसात के बाद संक्रामक बीमारियां लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। वायरल बुखार के अलावा एलर्जी, दाद, फुंसी जैसी बीमारी से लोग जूझ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी ऐसे मरीजों से फुल हैं।
बरसात के मौसम में अनेक बीमारियां जन्म ले लेती हैं। हाल ही में अभी दिल्ली से आई जांच टीम को सीएचसी, नगर पालिका व गढ़ रोड के मोहल्ले में डेंगू के लार्वा मिले थे। स्वास्थ्य विभाग इसकी रोकथाम का दावा कर रहा है। लेकिन संक्रामक बीमारियों ने जिले में जरूर पैर पसार लिए हैं। वायरल बुखार ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। मरीज इस बुखार की चपेट में आकर तप रहे हैं। इसके अलावा एलर्जी, दाद, फुंसी जैसे संक्रामक रोग भी मरीजों को परेशान कर रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज एलर्जी से परेशान आ रहे हैं। चिकित्सक अचानक मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी से परेशान हैं। अस्पतालों में व्यवस्था बनाने में उनके पसीने छूट रहे हैं। शनिवार को गढ़ रोड सीएचसी में मरीजों की काफी भीड़ लगी। पर्ची कटवाने के लिए काउंटर पर लोगों का जमावड़ा रहा। इस दौरान आपस में भी काफी नोकझोंक हुई। पूरे दिन अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। अपनी बारी के लिए मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। यही हाल निजी अस्पतालों का भी रहा। वहां भी मरीजों का काफी भीड़ रही। चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों वायरल के अलावा एलर्जी, फुंसी जैसे रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे मौसम में इस तरह की बीमारी फैलती है। लेकिन इनसे बचने के लिए चिकित्सकों से सलाह जरुर लें।
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एलर्जी से बचने को क्या करें
* साफ कपड़े पहनें, खानपान पर ध्यान दें।
* धूल, जहरीली घास के संपर्क में जाने से बचें।
* संक्रामक मरीजों से दूरी बनाकर रखें।
* बिना चिकित्सक के दवा का प्रयोग न करें।
-सीएमओ का कथन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पर्याप्त दवाओं का स्टॉक अस्पतालों में उपलब्ध है। चिकित्सकों को समय से अस्पताल में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही न बरती जाए।
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