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करोड़ों के बैंक ऋण घोटाले में जांच करने पहुंची सीबीआई टीम
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सिंभावली में स्थित चीनी मिल।
- फोटो : GARH
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करोड़ों के बैंक ऋण घोटाले में जांच करने पहुंची सीबीआई टीम
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली चीनी मिल द्वारा 2013 में किसानों के नाम पर ओरिएंटल बैंक से करोड़ों रुपये के लोन लेने के मामले में जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों से पूछताछ की। सीबीआई की टीम ने पीड़ित किसानों के बारे में जानकारी ली।
सिंभावली चीनी मिल द्वारा सन 2013 में हजारों किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये लोन लिया था। जिसमें गढ़ क्षेत्र के कई किसानों पर लोन चुकाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। किसानों की शिकायत पर सीबीआई द्वारा जांच प्रारंभ की गई थी। ब्लॉक पहुंची सीबीआई टीम ने ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों से सूची के आधार पर पीड़ित किसानों के बारे में जानकारी की। उन्होंने यह भी जाना कि कितने किसान ऐसे हैं, जिनके नाम लोन की सूची में है, लेकिन वह जीवित नहीं है। गढ़ में सीबीआई के आने की सूचना से हड़कंप की स्थिति बनी रही, जबकि मीडिया कर्मियों से अधिकारियों ने इस संबंध में कोई बात नहीं की।
5762 किसानों के नाम पर लिया था लोन
सिंभावली चीनी मिल ने धोखाधड़ी कर 5762 किसानों की फर्द लगाकर बैंक से 148 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इस मामले में सिंभावली चीनी मिल के निदेशक, सीईओ व सीएफओ समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने, गबन और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पीएनबी घोटाले के बाद केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई द्वारा कराने पर सहमति बनाई। बताया जा रहा कि शुगर मिल पर 109.88 करोड़ रुपये देनदारी है। जानकारी के अनुसार सिंभावली शुगर मिल ने ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की गाजियाबाद शाखा के फील्ड ऑफिसरों से सांठगांठ कर हापुड़ के किसानों की फर्द निकलवाई थी। फर्द में भी बड़ा खेल हुआ था। नाम पता किसी के और फोटो दूसरे किसान का लगा हुआ था। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका सर्वे किया तो शुगर मिल व बैंक की पोल खुली थी।
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मिल प्रबंधन ने किसानों को दिया था धोखा
सिंभावली चीनी मिल द्वारा किसानों की खतौनियों से छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज बनवाए गए। करोड़ों का ऋण किसानों के नाम पर निकाल कर मिल प्रबंधन द्वारा हड़प लिया गया। किसानों के खिलाफ रिकवरी जारी होने पर मामले का खुलासा हुआ। - दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत
मिल प्रबंधन पर जल्द हो कार्रवाई
सिंभावली मिल किसानों को गन्ना भुगतान समय पर नहीं दे रहा। वहीं धोखाधड़ी कर किसानों के नाम पर ही करोड़ों रुपया बैंक से निकाल लिया। इस मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी कर कार्रवाई होनी चाहिए। - सरनजीत सिंह गुर्जर, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु
किसानों के नाम पर नहीं लिया कोई कर्ज
सिंभावली मिल प्रबंधन द्वारा किसानों के नाम पर कोई कर्जा नहीं लिया गया है। जो भी लोन वर्तमान में बकाया हैं, वह चीनी मिल के नाम पर ही लिए गए हैं।- करन सिंह, सीजीएम, सिंभावली चीनी मिल
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली चीनी मिल द्वारा 2013 में किसानों के नाम पर ओरिएंटल बैंक से करोड़ों रुपये के लोन लेने के मामले में जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों से पूछताछ की। सीबीआई की टीम ने पीड़ित किसानों के बारे में जानकारी ली।
सिंभावली चीनी मिल द्वारा सन 2013 में हजारों किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये लोन लिया था। जिसमें गढ़ क्षेत्र के कई किसानों पर लोन चुकाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। किसानों की शिकायत पर सीबीआई द्वारा जांच प्रारंभ की गई थी। ब्लॉक पहुंची सीबीआई टीम ने ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों से सूची के आधार पर पीड़ित किसानों के बारे में जानकारी की। उन्होंने यह भी जाना कि कितने किसान ऐसे हैं, जिनके नाम लोन की सूची में है, लेकिन वह जीवित नहीं है। गढ़ में सीबीआई के आने की सूचना से हड़कंप की स्थिति बनी रही, जबकि मीडिया कर्मियों से अधिकारियों ने इस संबंध में कोई बात नहीं की।
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5762 किसानों के नाम पर लिया था लोन
सिंभावली चीनी मिल ने धोखाधड़ी कर 5762 किसानों की फर्द लगाकर बैंक से 148 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इस मामले में सिंभावली चीनी मिल के निदेशक, सीईओ व सीएफओ समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने, गबन और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पीएनबी घोटाले के बाद केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई द्वारा कराने पर सहमति बनाई। बताया जा रहा कि शुगर मिल पर 109.88 करोड़ रुपये देनदारी है। जानकारी के अनुसार सिंभावली शुगर मिल ने ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की गाजियाबाद शाखा के फील्ड ऑफिसरों से सांठगांठ कर हापुड़ के किसानों की फर्द निकलवाई थी। फर्द में भी बड़ा खेल हुआ था। नाम पता किसी के और फोटो दूसरे किसान का लगा हुआ था। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका सर्वे किया तो शुगर मिल व बैंक की पोल खुली थी।
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मिल प्रबंधन ने किसानों को दिया था धोखा
सिंभावली चीनी मिल द्वारा किसानों की खतौनियों से छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज बनवाए गए। करोड़ों का ऋण किसानों के नाम पर निकाल कर मिल प्रबंधन द्वारा हड़प लिया गया। किसानों के खिलाफ रिकवरी जारी होने पर मामले का खुलासा हुआ। - दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत
मिल प्रबंधन पर जल्द हो कार्रवाई
सिंभावली मिल किसानों को गन्ना भुगतान समय पर नहीं दे रहा। वहीं धोखाधड़ी कर किसानों के नाम पर ही करोड़ों रुपया बैंक से निकाल लिया। इस मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी कर कार्रवाई होनी चाहिए। - सरनजीत सिंह गुर्जर, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु
किसानों के नाम पर नहीं लिया कोई कर्ज
सिंभावली मिल प्रबंधन द्वारा किसानों के नाम पर कोई कर्जा नहीं लिया गया है। जो भी लोन वर्तमान में बकाया हैं, वह चीनी मिल के नाम पर ही लिए गए हैं।- करन सिंह, सीजीएम, सिंभावली चीनी मिल