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गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर के खेतों में भरा पानी
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गढ़ खादर क्षेत्र में खेतों में भरा पानी।
- फोटो : GARH
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर के खेतों में भरा पानी
गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से लगातार अतिरिक्त पानी छोड़ने और पहाड़ों और मैदानों में बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के हजारों बीघा जंगल में पानी भरने से फसल बर्बाद हो रही है।
पहाड़ों समेत मैदानी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा नदी में आ रहे उफान से खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। क्योंकि खेतों में पानी भरने से गन्ना, चारा, धान समेत हजारों बीघा फसलों में बर्बादी हो रही है। गंगा तेजी के साथ खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। शुक्रवार को बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने पर 198.17 मीटर जल स्तर पहुंच गया था, लेकिन शनिवार को बिजनौर बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़कर 198.46 मीटर पर पहुंच चुका है। खादर के ग्रामीणों को चिंता बनी हुई है।
तहसीलदार विवेक भदौरिया का कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बाद भी फिलहाल बाढ़ आने की कोई भी संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी गंगा की तलहटी में बसे गांवों में रहने वालों को चौकस रहने की हिदायत दी जा रही। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को सतर्क किया हुआ है।
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गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से लगातार अतिरिक्त पानी छोड़ने और पहाड़ों और मैदानों में बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के हजारों बीघा जंगल में पानी भरने से फसल बर्बाद हो रही है।
पहाड़ों समेत मैदानी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा नदी में आ रहे उफान से खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। क्योंकि खेतों में पानी भरने से गन्ना, चारा, धान समेत हजारों बीघा फसलों में बर्बादी हो रही है। गंगा तेजी के साथ खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। शुक्रवार को बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने पर 198.17 मीटर जल स्तर पहुंच गया था, लेकिन शनिवार को बिजनौर बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़कर 198.46 मीटर पर पहुंच चुका है। खादर के ग्रामीणों को चिंता बनी हुई है।
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तहसीलदार विवेक भदौरिया का कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बाद भी फिलहाल बाढ़ आने की कोई भी संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी गंगा की तलहटी में बसे गांवों में रहने वालों को चौकस रहने की हिदायत दी जा रही। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को सतर्क किया हुआ है।
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