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पावटी के जंगल में प्रतिबंधित पशुओं के मिले अवशेष
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पावटी के जंगल में प्रतिबंधित पशुओं के मिले अवशेष
गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के एक गांव के जंगल में दूसरे दिन फिर प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिले, वहीं ग्रामीणों समेत हिंदू संगठनों ने पुलिस पर विफलता का आरोप लगाया। पुलिस ने नमूनों के बाद अवशेषों को गड्ढे में दबवाया। आरोपियों की जांच में जुट गई है।
गढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव पावटी के जंगल में किसानों को रविवार की सुबह प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष पड़े मिले। किसानों ने बताया कि सुबह के समय जब वह जंगल से सटे रास्ते से होकर खेतों पर जा रहे थे। इस बीच जंगल में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष पड़े मिले। जिसके बाद ग्रामीणों ने गांव में पहुंचकर अन्य लोगों समेत पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जंगल में मिले प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष जंगल में ही दबवा दिया। वहीं मौके पर पहुंचे सीओ पवन कुमार और इंस्पेक्टर शीलेष कुमार ने काफी देर तक आसपास के खेतों में जांच पड़ताल की। इसके बाद पुलिस ने पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मौके पर बुला लिया, जिसके द्वारा गोवंश के अवशेषों से नमूने लेकर उन्हें सील करने के बाद जांच को प्रयोगशाला भेज दिया गया। शनिवार को गांव पौपाई-हिरनपुरा मार्ग के बाद अगले ही दिन गांव पावटी की आबादी से सटे जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना होने से हिंदू संगठन समेत ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। दो दिन के भीतर गोवंश के अवशेष मिलने से जहां रात में होने वाली पुलिस की गश्त और उसकी कार्यप्रणाली पर लोग जमकर सवाल उठा रहे हैं। इंस्पेक्टर शीलेष कुमार का कहना है कि प्रतिबंधित पशुओं के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मांस की पुष्टि हो पाएगी। इसके अलावा आरोपियों की तलाश के लिए टीम को सर्तक कर दिया है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के एक गांव के जंगल में दूसरे दिन फिर प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिले, वहीं ग्रामीणों समेत हिंदू संगठनों ने पुलिस पर विफलता का आरोप लगाया। पुलिस ने नमूनों के बाद अवशेषों को गड्ढे में दबवाया। आरोपियों की जांच में जुट गई है।
गढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव पावटी के जंगल में किसानों को रविवार की सुबह प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष पड़े मिले। किसानों ने बताया कि सुबह के समय जब वह जंगल से सटे रास्ते से होकर खेतों पर जा रहे थे। इस बीच जंगल में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष पड़े मिले। जिसके बाद ग्रामीणों ने गांव में पहुंचकर अन्य लोगों समेत पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जंगल में मिले प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष जंगल में ही दबवा दिया। वहीं मौके पर पहुंचे सीओ पवन कुमार और इंस्पेक्टर शीलेष कुमार ने काफी देर तक आसपास के खेतों में जांच पड़ताल की। इसके बाद पुलिस ने पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मौके पर बुला लिया, जिसके द्वारा गोवंश के अवशेषों से नमूने लेकर उन्हें सील करने के बाद जांच को प्रयोगशाला भेज दिया गया। शनिवार को गांव पौपाई-हिरनपुरा मार्ग के बाद अगले ही दिन गांव पावटी की आबादी से सटे जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना होने से हिंदू संगठन समेत ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। दो दिन के भीतर गोवंश के अवशेष मिलने से जहां रात में होने वाली पुलिस की गश्त और उसकी कार्यप्रणाली पर लोग जमकर सवाल उठा रहे हैं। इंस्पेक्टर शीलेष कुमार का कहना है कि प्रतिबंधित पशुओं के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मांस की पुष्टि हो पाएगी। इसके अलावा आरोपियों की तलाश के लिए टीम को सर्तक कर दिया है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संवाद
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