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कृषि विधेयक के विरोध में भाकियू का चक्का जाम
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हाईवे पर जाम से लोग हुए परेशान
गढ़मुक्तेश्वर। कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने गढ़ और सिंभावली में हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान जाम में फंस कर यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
गढ़ क्षेत्र में भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने करीब 11 बजे हाईवे समेत गढ़-स्याना रोड पर दोनों तरफ ट्रैक्टर-ट्राली समेत अन्य वाहन खड़े कर जाम लगा दिया। दिनेश खेड़ा ने कहा कि भाकियू इन अध्यादेशों को कृषि क्षेत्र में कंपनी राज के रूप में देख रही है। किसानों को इस तरह के कानून से कंपनी की बंधुआ बनाए जाने का खतरा सता रहा है। करीब साढ़े तीन बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम विजयवर्धन तोमर और सीओ पवन कुमार को पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
वहीं सिंभावली में चौधरी सतवीर सिंह के नेतृत्व में बक्सर नहर पटरी पर जाम लगाया। चौधरी सतवीर सिंह ने कहा कि सरकार जो बिल लेकर आई है, उससे किसानों का कोई भला होने वाला नहीं है बल्कि शोषण और अधिक बढे़गा। इसलिए इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए। फसल का मूल्य निर्धारण लागू रहना चाहिए।
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भारतीय किसान संगठन ने भी किया विरोध
कृषि विधेयक के खिलाफ भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष ईश्वर त्यागी के नेतृत्व में भी कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर पीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिला उपाध्यक्ष इमरान त्यागी, धर्मपाल ठाकुर, अनमोल त्यागी, इंद्रजीत, लोकेंद्र सिंह, कुवरपाल, हरेंद्र, सोयब चौधरी, जयप्रकाश, देव, अमित, प्रताप ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने विधेयक वापस लिए जाने की मांग की।
इस मौके पर दिनेश त्यागी, जीते चौहान, शब्बू चौधरी, सरदार कुंवर सिंह, अफजाल प्रधान, मुबारक खां, बबली सिंह, नीलम त्यागी, राकेश देवी, योगिता देवी, नत्थी सिंह, सुभाष चौहान, महीपाल, इकराम, प्रमोद, राकेश, ओमपाल, विनोद, अरविंद व रामपाल चौहान, लवकुमार, राजेश, सरदार राजेंद्र सिंह, शेखर, हरेंद्र, अमन सिंह, परवेज, एसपी कर्दम आदि रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने गढ़ और सिंभावली में हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान जाम में फंस कर यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
गढ़ क्षेत्र में भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने करीब 11 बजे हाईवे समेत गढ़-स्याना रोड पर दोनों तरफ ट्रैक्टर-ट्राली समेत अन्य वाहन खड़े कर जाम लगा दिया। दिनेश खेड़ा ने कहा कि भाकियू इन अध्यादेशों को कृषि क्षेत्र में कंपनी राज के रूप में देख रही है। किसानों को इस तरह के कानून से कंपनी की बंधुआ बनाए जाने का खतरा सता रहा है। करीब साढ़े तीन बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम विजयवर्धन तोमर और सीओ पवन कुमार को पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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वहीं सिंभावली में चौधरी सतवीर सिंह के नेतृत्व में बक्सर नहर पटरी पर जाम लगाया। चौधरी सतवीर सिंह ने कहा कि सरकार जो बिल लेकर आई है, उससे किसानों का कोई भला होने वाला नहीं है बल्कि शोषण और अधिक बढे़गा। इसलिए इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए। फसल का मूल्य निर्धारण लागू रहना चाहिए।
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भारतीय किसान संगठन ने भी किया विरोध
कृषि विधेयक के खिलाफ भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष ईश्वर त्यागी के नेतृत्व में भी कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर पीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिला उपाध्यक्ष इमरान त्यागी, धर्मपाल ठाकुर, अनमोल त्यागी, इंद्रजीत, लोकेंद्र सिंह, कुवरपाल, हरेंद्र, सोयब चौधरी, जयप्रकाश, देव, अमित, प्रताप ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने विधेयक वापस लिए जाने की मांग की।
इस मौके पर दिनेश त्यागी, जीते चौहान, शब्बू चौधरी, सरदार कुंवर सिंह, अफजाल प्रधान, मुबारक खां, बबली सिंह, नीलम त्यागी, राकेश देवी, योगिता देवी, नत्थी सिंह, सुभाष चौहान, महीपाल, इकराम, प्रमोद, राकेश, ओमपाल, विनोद, अरविंद व रामपाल चौहान, लवकुमार, राजेश, सरदार राजेंद्र सिंह, शेखर, हरेंद्र, अमन सिंह, परवेज, एसपी कर्दम आदि रहे।