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तीसरे दिन गंगा जलस्तर में फिर आठ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई
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तीसरे दिन गंगा जलस्तर में फिर आठ सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरी
गढ़मुक्तेश्वर। दो दिन गिरावट के बाद गंगा के जलस्तर में एक बार फिर आठ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी होने से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं आबादी में दूषित पानी भरने से ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी सताने लगा है। कोरोना संक्रमण के बीच बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीणों में भय हैं। वहीं प्रशासन बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है।
गंगा के जलस्तर में पिछले दिनों बढ़ोतरी होने के चलते गंगा खादर क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में आबादी के निकट गंगा का जल भरना शुरू हो गया था। वहीं गांवों के जंगलों समेत संपर्क रास्तों और मेला रोड पर भी गंगा का पानी एक से दो फुट तक भर गया। 14 अगस्त को गंगा के उफान के चलते जलस्तर 198.83 मीटर(समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से मात्र 20 सेंटीमीटर रह गया था। गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंचने के चलते ग्रामीणों और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम विजयवर्धन तोमर, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश भारती समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने खादर क्षेत्र के गांवों का लगातार तीन दिनों तक दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। लेकिन 15 और 16 अगस्त को गंगा जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। 16 अगस्त की शाम तक जलस्तर 198.52 मीटर के निशान पर पहुंच गया। वहीं एक बार फिर बिजनौर बैराज से छोड़ा गया अतिरिक्त जल गढ़-ब्रजघाट पहुंचने पर सोमवार की शाम जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे जलस्तर 198.60 मीटर तक पहुंच गया। वहीं गांवों में आबादी के बीच और जंगलों में दूषित पानी पहुंचने से ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी संभावना बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। वहीं खेतों में पानी भरने से ग्रामीण गढ़ समेत आसपास के क्षेत्र के जंगल से पशुओं के लिए चारा लाने के लिए मजबूर हैं। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़े जाने के चलते अभी गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि वर्तमान में गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। जिसे देखते हुए बाढ़ से निपटने के सभी इंतजाम पूरे किए हुए हैं। ग्रामीणों के लिए राहत शिविरों का इंतजाम हो चुका है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच के निर्देश दिए है।
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गढ़मुक्तेश्वर। दो दिन गिरावट के बाद गंगा के जलस्तर में एक बार फिर आठ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी होने से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं आबादी में दूषित पानी भरने से ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी सताने लगा है। कोरोना संक्रमण के बीच बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीणों में भय हैं। वहीं प्रशासन बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है।
गंगा के जलस्तर में पिछले दिनों बढ़ोतरी होने के चलते गंगा खादर क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में आबादी के निकट गंगा का जल भरना शुरू हो गया था। वहीं गांवों के जंगलों समेत संपर्क रास्तों और मेला रोड पर भी गंगा का पानी एक से दो फुट तक भर गया। 14 अगस्त को गंगा के उफान के चलते जलस्तर 198.83 मीटर(समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से मात्र 20 सेंटीमीटर रह गया था। गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंचने के चलते ग्रामीणों और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम विजयवर्धन तोमर, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश भारती समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने खादर क्षेत्र के गांवों का लगातार तीन दिनों तक दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। लेकिन 15 और 16 अगस्त को गंगा जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। 16 अगस्त की शाम तक जलस्तर 198.52 मीटर के निशान पर पहुंच गया। वहीं एक बार फिर बिजनौर बैराज से छोड़ा गया अतिरिक्त जल गढ़-ब्रजघाट पहुंचने पर सोमवार की शाम जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे जलस्तर 198.60 मीटर तक पहुंच गया। वहीं गांवों में आबादी के बीच और जंगलों में दूषित पानी पहुंचने से ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी संभावना बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। वहीं खेतों में पानी भरने से ग्रामीण गढ़ समेत आसपास के क्षेत्र के जंगल से पशुओं के लिए चारा लाने के लिए मजबूर हैं। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़े जाने के चलते अभी गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि वर्तमान में गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। जिसे देखते हुए बाढ़ से निपटने के सभी इंतजाम पूरे किए हुए हैं। ग्रामीणों के लिए राहत शिविरों का इंतजाम हो चुका है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच के निर्देश दिए है।
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