{"_id":"5f1871608ebc3e9f933a7d7c","slug":"hapur-news-garh-news-gbd202443072","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की पिटाई से भड़की भाकियू, महिला कर्मचारी सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान की पिटाई से भड़की भाकियू, महिला कर्मचारी सस्पेंड
विज्ञापन
गढ़ तहसील पर धरना प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : GARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान की पिटाई से भड़की भाकियू, महिला कर्मचारी सस्पेंड
गढ़मुक्तेश्वर। सोशल मीडिया पर विद्युत निगम की महिला कर्मचारी द्वारा किसान को चप्पल से पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद भाकियू ने बुधवार को तहसील मुख्यालय पर जमकर हंगामा किया। संगठन के दोनों गुटों ने धरना देकर कार्रवाई की मांग की। लगभग दो घंटे तक चले हंगामे व नोकझोंक के बाद अधिकारियों ने महिला कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया।
मंगलवार को तहसील में स्थित विद्युत निगम के एसडीओ कार्यालय में महिला कर्मचारी द्वारा किसान को चप्पल से पीटने की वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थी। जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति भी बनी हुई थी। किसान के साथ अभद्रता का मामला संज्ञान में आने पर भाकियू के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी भड़क उठे। बुधवार को भाकियू के दोनों गुटों ने तहसील मुख्यालय का घेराव करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरु कर दिया। जिसमें एक गुट में राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतबीर लुहारी और दूसरे गुट के दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों की भीड़ तहसील मुख्यालय पर एकत्र हो गई। दोनों गुटों ने संयुक्त रुप से धरना प्रदर्शन करते हुए विद्युत निगम के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतवीर सिंह ने कहा कि देश का किसान पहले से ही परेशान है, वहीं सरकारी विभागों में भी किसानों को बेइज्जत किया जा रहा है। इस तरह की गलत हरकतें किसान किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि महिला कर्मचारी द्वारा किसान से अभद्रता और चप्पल मारना एक किसान का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के अन्नदाताओं का अपमान है। अन्नदाताओं का अपमान किसी भी दशा में सहन किए जाने योग्य नहीं है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर महिला जिलाध्यक्ष बबली त्यागी, नीलम, दिनेश त्यागी, सुभाष चौहान, रामपाल चौहान, जीते चौहान, मुबारक खां, सलेख चंद, मामचंद शास्त्री, श्यामसुंदर त्यागी, गुलफाम खां, इकराम, रामपाल सिंह चौहान, सरनजीत सिंह, परवेज चौधरी, सुरेश, कृष्णवीर गब्बर, कुशलपाल आर्य, हाजी कौशर, विकास तोमर, शिवकुमार तोमर, हरेंद्र प्रधान, बागेश्वर त्यागी, विनोद तोमर, दिनेश शर्मा समेत सेकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। सोशल मीडिया पर विद्युत निगम की महिला कर्मचारी द्वारा किसान को चप्पल से पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद भाकियू ने बुधवार को तहसील मुख्यालय पर जमकर हंगामा किया। संगठन के दोनों गुटों ने धरना देकर कार्रवाई की मांग की। लगभग दो घंटे तक चले हंगामे व नोकझोंक के बाद अधिकारियों ने महिला कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया।
मंगलवार को तहसील में स्थित विद्युत निगम के एसडीओ कार्यालय में महिला कर्मचारी द्वारा किसान को चप्पल से पीटने की वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थी। जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति भी बनी हुई थी। किसान के साथ अभद्रता का मामला संज्ञान में आने पर भाकियू के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी भड़क उठे। बुधवार को भाकियू के दोनों गुटों ने तहसील मुख्यालय का घेराव करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरु कर दिया। जिसमें एक गुट में राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतबीर लुहारी और दूसरे गुट के दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों की भीड़ तहसील मुख्यालय पर एकत्र हो गई। दोनों गुटों ने संयुक्त रुप से धरना प्रदर्शन करते हुए विद्युत निगम के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतवीर सिंह ने कहा कि देश का किसान पहले से ही परेशान है, वहीं सरकारी विभागों में भी किसानों को बेइज्जत किया जा रहा है। इस तरह की गलत हरकतें किसान किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि महिला कर्मचारी द्वारा किसान से अभद्रता और चप्पल मारना एक किसान का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के अन्नदाताओं का अपमान है। अन्नदाताओं का अपमान किसी भी दशा में सहन किए जाने योग्य नहीं है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर महिला जिलाध्यक्ष बबली त्यागी, नीलम, दिनेश त्यागी, सुभाष चौहान, रामपाल चौहान, जीते चौहान, मुबारक खां, सलेख चंद, मामचंद शास्त्री, श्यामसुंदर त्यागी, गुलफाम खां, इकराम, रामपाल सिंह चौहान, सरनजीत सिंह, परवेज चौधरी, सुरेश, कृष्णवीर गब्बर, कुशलपाल आर्य, हाजी कौशर, विकास तोमर, शिवकुमार तोमर, हरेंद्र प्रधान, बागेश्वर त्यागी, विनोद तोमर, दिनेश शर्मा समेत सेकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन