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डीलर पर राशन वितरण न करने का आरोप लगाया
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डीलर पर राशन वितरण न करने का आरोप
गढ़मुक्तेश्वर। गांव नानपुर के ग्रामीणों ने डीलर पर राशन वितरण में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने जांच कराकर डीलर के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव नानपुर निवासी आरिफ, अजीज अलाम, नरेंद्र, बती समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि गांव में राशन को लेकर बड़ी समस्या बनी हुई है। गांव की आबादी पांच हजार से अधिक है। इसमें बड़ी आबादी मेहनत, मजदूरी करने वाले लोगों की है। जो सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर मिलने वाले राशन पर आश्रित हैं। गांव में राशन कार्डो की संख्या करीब 890 है, जिसमें अंत्योदय कार्ड 112 और पात्र गृहस्थी 778 के आसपास हैं। ग्रामीणों का कहना है राशन लेने के लिए उन्हें हर महीने धक्के खाने पड़ते है। हर बार उन्हें सुबह शाम कहकर टरका दिया जाता है। डीलर द्वारा कभी मशीन न चलने का बहाना बनाया जाता है, तो कभी राशन खत्म होने का। ग्रामीणों का आरोप है कि लॉक डाउन की स्थिति में भी डीलर राशन का वितरण नहीं कर रहा। इसके चलते उनकी परेशानी बढ़ रही है। इस संबंध में आपूर्ति निरीक्षक से भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से डीलर की जांच कराकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
डीलर नरेश कुमार का कहना है कि प्रत्येक माह सभी कार्ड धारको को राशन का वितरण किया जाता है। रंजिशन कुछ लोगों द्वारा उसपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
आपूर्ति निरीक्षक कुंवर सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की स्थिति में ग्राम प्रधान, सचिव और पटवारी की निगरानी में राशन का वितरण कराया जा रहा है। ग्रामीणों के आरोप की जांच कराई जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव नानपुर के ग्रामीणों ने डीलर पर राशन वितरण में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने जांच कराकर डीलर के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव नानपुर निवासी आरिफ, अजीज अलाम, नरेंद्र, बती समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि गांव में राशन को लेकर बड़ी समस्या बनी हुई है। गांव की आबादी पांच हजार से अधिक है। इसमें बड़ी आबादी मेहनत, मजदूरी करने वाले लोगों की है। जो सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर मिलने वाले राशन पर आश्रित हैं। गांव में राशन कार्डो की संख्या करीब 890 है, जिसमें अंत्योदय कार्ड 112 और पात्र गृहस्थी 778 के आसपास हैं। ग्रामीणों का कहना है राशन लेने के लिए उन्हें हर महीने धक्के खाने पड़ते है। हर बार उन्हें सुबह शाम कहकर टरका दिया जाता है। डीलर द्वारा कभी मशीन न चलने का बहाना बनाया जाता है, तो कभी राशन खत्म होने का। ग्रामीणों का आरोप है कि लॉक डाउन की स्थिति में भी डीलर राशन का वितरण नहीं कर रहा। इसके चलते उनकी परेशानी बढ़ रही है। इस संबंध में आपूर्ति निरीक्षक से भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से डीलर की जांच कराकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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डीलर नरेश कुमार का कहना है कि प्रत्येक माह सभी कार्ड धारको को राशन का वितरण किया जाता है। रंजिशन कुछ लोगों द्वारा उसपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
आपूर्ति निरीक्षक कुंवर सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की स्थिति में ग्राम प्रधान, सचिव और पटवारी की निगरानी में राशन का वितरण कराया जा रहा है। ग्रामीणों के आरोप की जांच कराई जाएगी।
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