UP: 'लगा पहलगाम जैसा हमला फिर हो गया, किसी शव का एक हिस्सा मेरे सामने आकर गिरा', पढ़ें चश्मदीद दंपती की आपबीती
दंपती का कहना है कि जैसे ही धमाका हुआ और भगदड़ मची तो उन्हें लगा पहलगाम जैसा हमला हो गया है। वहां से जैसे-तैसे निकलकर दंपती ने अपनी जान बचाई। हापुड़ की शिवपुरी कॉलोनी निवासी सराफ पुष्कर अग्रवाल और उनकी पत्नी पूजा अग्रवाल भी धमाके दौरान घटनास्थल के पास ही मौजूद थे।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद देश का हर कोई व्यक्ति स्तब्ध है, लेकिन जो उस समय मौके पर मौजूद थे, उनकी इस धमाके की आवाज सुन और मौके की अफरा-तफरी देखकर सांसें ही थम ही गई थीं। हापुड़ के मोहल्ला शिवपुरी निवासी दंपती भी धमाके दौरान आसपास मौजूद थे। उस मंजर को दंपती अभी तक नहीं भुला पाए हैं।
दंपती का कहना है कि जैसे ही धमाका हुआ और भगदड़ मची तो उन्हें लगा पहलगाम जैसा हमला हो गया है। वहां से जैसे-तैसे निकलकर दंपती ने अपनी जान बचाई। हापुड़ की शिवपुरी कॉलोनी निवासी सराफ पुष्कर अग्रवाल और उनकी पत्नी पूजा अग्रवाल भी धमाके दौरान दिल्ली में घटनास्थल के पास भागीरथ पैलेस इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान खरीदने के लिए गए थे।
पूजा अग्रवाल ने बताया कि वहां से लौटने के दौरान वह घटनास्थल से मात्र कुछ ही दूर मौजूद थे, तभी तेज धमाके की आवाज हुई, जैसे कोई मिसाइल गिरी हो और धरती फट गई हो। इस दौरान हर तरफ अफरा-तफरी थी और लोग जान बचाकर भाग रहे थे। उन्हें लगा कि शायद पहलगाम जैसा हमला हो गया है। वे भी जान बचाकर किसी तरह वहां से सुरक्षित निकल पाए।
शव का एक हिस्सा मेरे सामने आ गिरा
पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपनी कार को ओमेक्स मल्टी लेवल पार्किंग में पार्क किया। शॉपिंग करने के बाद वह चांदनी चौक, लाल किले के आसपास घूम रहे थे, इसी दौरान अचानक यह तेज धमाका हुआ। उन्होंने बताया कि इसी बीच उनके पास एक शव का हिस्सा आकर गिरा तो वह सहम गए।
जैसे-तैसे धमाके के बाद निकलकर भागा
इसके बाद वह अपनी जान बचाकर जैसे-तैसे वहां से निकले। उन्होंने बताया कि जो मंजर वहां उस समय था, उन्होंने शायद ही ऐसा कभी देखा हो, वे ऐसे मंजर को कभी नहीं भूल पाएंगे। वहीं परिजनों को दिल्ली ब्लास्ट की सूचना मिली तो उनके भी होश उड़ गए। परिजनों ने फोन पर उनसे संपर्क साधा। इसके बाद उनका हाल जाना, पुष्कर और उनकी पत्नी के घर सुरक्षित वापस लौटने पर ही परिजनों की जान में जान आई।
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