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Hapur News: हवा की सेहत और बिगड़ी, 324 पहुंचा एक्यूआई
Thu, 02 Nov 2023 09:54 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 02 Nov 2023 09:54 PM IST
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हापुड़। बृहस्पतिवार का दिन सबसे प्रदूषित रहा। एक्यूआई पहली बार 324 दर्ज किया गया। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर बाद आसमान में छाई धुंध के पीछे सूर्यदेव भी छिप गए। घरों में लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और घुटन सी महसूस होती रही।
पिछले कुछ दिनों से जिले में प्रदूषण का स्तर ढाई सौ से ऊपर बना हुआ है। प्रदूषण का स्तर भले ही उतनी गंभीर स्थिति में न रहा हो, लेकिन आंखों में जलन लोगों को खूब परेशान कर रही है। बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे के आसपास एक्यूआई 260 दर्ज किया गया, लेकिन इसके बाद वातावरण का मिजाज बदल गया। आसमान पर धुंध बढ़नी शुरू हो गई और घंटे दर घंटे बढ़ती चली गई। सूर्य देव को धुंध ने पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोग सड़कों पर मास्क लगाकर बाहर निकलते नजर आए। रात आठ बजे तक एक्यूआई 324 तक पहुंच गया।
पराली का धुंआ बना कारण-
वातावरण में अचानक धुंध बढ़ने का कारण विशेषज्ञ पराली का धुंआ बता रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि यह मौसम का असर नहीं है। आसपास के राज्यों में जलाई जा रही पराली के कारण ही अचानक से वातावरण प्रदूषित हुआ है। फिलहाल कोहरा नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में कोहरा पड़ेगा और हालत और गंभीर होंगे। प्रदूषण का स्तर और अधिक पड़ेगा और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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सड़कों पर दौड़ रहे कबाड़ वाहन
एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दस वर्ष पुराने डीजल व 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। जिले में भी ऐसे 26 हजार से अधिक वाहनों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी कबाड़ वाहन सड़कों पर दौड़ रहे। एआरटीओ विभाग ने पिछले तीन दिन में ऐसे आठ वाहनों को जब्त किया और प्रदूषण फैलाने वाले 75 वाहनों का चालान किया है। जिले में 26286 वाहनों को चिन्हित कर उन्हें कबाड़ घोषित कर दिया और उनका पंजीयन भी निरस्त कर दिया।
कोट -
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि सडक़ों पर दौड़ रहे कबाड़ वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले कुछ दिनों से जिले में प्रदूषण का स्तर ढाई सौ से ऊपर बना हुआ है। प्रदूषण का स्तर भले ही उतनी गंभीर स्थिति में न रहा हो, लेकिन आंखों में जलन लोगों को खूब परेशान कर रही है। बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे के आसपास एक्यूआई 260 दर्ज किया गया, लेकिन इसके बाद वातावरण का मिजाज बदल गया। आसमान पर धुंध बढ़नी शुरू हो गई और घंटे दर घंटे बढ़ती चली गई। सूर्य देव को धुंध ने पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोग सड़कों पर मास्क लगाकर बाहर निकलते नजर आए। रात आठ बजे तक एक्यूआई 324 तक पहुंच गया।
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पराली का धुंआ बना कारण-
वातावरण में अचानक धुंध बढ़ने का कारण विशेषज्ञ पराली का धुंआ बता रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि यह मौसम का असर नहीं है। आसपास के राज्यों में जलाई जा रही पराली के कारण ही अचानक से वातावरण प्रदूषित हुआ है। फिलहाल कोहरा नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में कोहरा पड़ेगा और हालत और गंभीर होंगे। प्रदूषण का स्तर और अधिक पड़ेगा और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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सड़कों पर दौड़ रहे कबाड़ वाहन
एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दस वर्ष पुराने डीजल व 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। जिले में भी ऐसे 26 हजार से अधिक वाहनों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी कबाड़ वाहन सड़कों पर दौड़ रहे। एआरटीओ विभाग ने पिछले तीन दिन में ऐसे आठ वाहनों को जब्त किया और प्रदूषण फैलाने वाले 75 वाहनों का चालान किया है। जिले में 26286 वाहनों को चिन्हित कर उन्हें कबाड़ घोषित कर दिया और उनका पंजीयन भी निरस्त कर दिया।
कोट -
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि सडक़ों पर दौड़ रहे कबाड़ वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।