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Hapur News: पालतू गाय ले गए पालिकाकर्मी, भाकियू ने की हड़ताल
Fri, 31 Jan 2025 09:49 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 31 Jan 2025 09:49 PM IST
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ब्रजघाट। निराश्रित पशुओं को पकडऩे के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पालिकाकर्मी गंगानगरी निवासी भाकियू के जिला उपाध्यक्ष मूलचंद यादव की रामलीला मैदान में बंधी गाय को खोलकर ले गए। जिससे गुस्साए भाकियू कार्यकर्ता ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
गंगानगरी निवासी भाकियू टिकैत के जिला उपाध्यक्ष मूलचंद यादव ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने अपनी पालतू गाय को घर के पास ही स्थित रामलीला मैदान में धूप में बांध दिया था। वह घर के अंदर कुछ काम में व्यस्त थे, इसी दौरान निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए पहुंचे पालिका कर्मियों ने उनकी गाय भी खोल ली और उसे भी गोशाला पहुंचा दिया। जिसकी जानकारी मिलने पर विरोध किया, तो पालिका कर्मियों ने गलती मानने के बजाए उनके साथ अभद्रता की। मामले की जानकारी मिलते ही भाकियू नेता ओमप्रकाश, अनुराग, कृपाराम राणा व अन्य कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। जिसके बाद मूलचंद ने घर के बाहर ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। कृपाराम राणा ने कहा कि निराश्रित पशुओं को पकड़ने की आड़ में पालिका के कर्मचारियों ने जबरन किसान की गाय को भी गोशाला भेज दिया, जो सरासर उत्पीड़न है। अधिकारियों से वार्ता करने के बावजूद भी उनकी गाय वापस नहीं की गई। गाय मिलने के बाद ही वह भूख हड़ताल से उठेंगे।
पालिका ईओ मुक्ता सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। खुले में घूम रहे गोवंशों को गोशाला भिजवाया गया है। यदि कोई पालतू गोवंश है, तो पहचान कराकर उसे पशु पालक को दे दिया जाएगा।
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गंगानगरी निवासी भाकियू टिकैत के जिला उपाध्यक्ष मूलचंद यादव ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने अपनी पालतू गाय को घर के पास ही स्थित रामलीला मैदान में धूप में बांध दिया था। वह घर के अंदर कुछ काम में व्यस्त थे, इसी दौरान निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए पहुंचे पालिका कर्मियों ने उनकी गाय भी खोल ली और उसे भी गोशाला पहुंचा दिया। जिसकी जानकारी मिलने पर विरोध किया, तो पालिका कर्मियों ने गलती मानने के बजाए उनके साथ अभद्रता की। मामले की जानकारी मिलते ही भाकियू नेता ओमप्रकाश, अनुराग, कृपाराम राणा व अन्य कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। जिसके बाद मूलचंद ने घर के बाहर ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। कृपाराम राणा ने कहा कि निराश्रित पशुओं को पकड़ने की आड़ में पालिका के कर्मचारियों ने जबरन किसान की गाय को भी गोशाला भेज दिया, जो सरासर उत्पीड़न है। अधिकारियों से वार्ता करने के बावजूद भी उनकी गाय वापस नहीं की गई। गाय मिलने के बाद ही वह भूख हड़ताल से उठेंगे।
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पालिका ईओ मुक्ता सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। खुले में घूम रहे गोवंशों को गोशाला भिजवाया गया है। यदि कोई पालतू गोवंश है, तो पहचान कराकर उसे पशु पालक को दे दिया जाएगा।
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