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मिड-डे मील का हाल... पानी जैसी मिल रही दाल
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Thu, 23 Feb 2017 10:56 PM IST
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मिड-डे मील
- फोटो : अमर उजाला
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मिड-डे मील में बृहस्पतिवार को एक नई अनियमितता देखने को मिली। खादर के गांव चक लठीरा के प्राइमरी स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में खाने के नाम पर एक रोटी और अरहर की पानी वालह दाल दी गई।
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बच्चों ने स्कूल में बना खाना से इंकार कर दिया और छुट्टी के समय तक भूखे रहे। शाम को जब बच्चे स्कूल पहुंचे और परिजनों को मामले की जानकारी दी तो उनमें रोष फैल गया। वहीं, मामले अब अफसर जांच की बात कह रहे हैं।
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अशिक्षा की पर नकेल कसने और सरकारी स्कूलों में घट रही बच्चों की तादाद बढ़ाने के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमे मिड-डे मील, ड्रेस, कॉपी-किताब जैसी सुविधा बच्चों को नि:शुल्क मुहैया कराई जा रही हैं।
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इसके बाद भी अनदेखी और मनमानी का बोलबाला शासन की मंशा को पलीता लगाने का काम करने से बाज नहीं आ रहा है। अधिकांश स्कूलों में समय से ड्रेस और कॉपी-किताबों का वितरण नहीं हो पाता, तो मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर भी आए दिन हंगामा होता रहता है।
गढ़ खादर के गांव चक लठीरा के प्राइमरी स्कूल में 169 और जूनियर हाईस्कूल में 24 बच्चों का दाखिला है। बृहस्पतिवार को प्राइमरी में 93 और जूूनियर हाईस्कूल में महज सात बच्चे पहुंचे थे। मेन्यू के आधार पर दोपहर में अरहर की दाल और रोटी का वितरण किया गया।
इस दौरान बच्चों की थाली में एक-एक रोटी और पानी जैसी दाल दी गई। इस पर गुस्साए बच्चों ने खना खाने से इंकार कर दिया। छुट्टी होने तक बच्चे खाली पेट स्कूल में जमे रहे। घर लौटकर बच्चों ने परिजनों को मामले की जानकारी दी तो उनमें रोष फैल उठा।
अभिभावक रामरती, अनीता और रेखा ने बताया कि पानी जैसी दाल और एक रोटी देना बच्चों के सेहत से खिलवाड़ है। अगर ऐसा ही है तो वह बच्चों को घर से खाना देकर स्कूल भेजेंगी।
वहीं, हेड मास्टर अंशु सिद्धू ने बताया कि स्कूल में खाना ठीक दिया जाता है। बृहस्पतिवार को वह छुट्टी पर थे, वह दाल की जांच नहीं कर पाए। उधर, ग्राम प्रधान श्यामो देवी ने बताया कि मिड-डे मील बनाने का काम स्कूल परिसर में ही महिलाओं से कराया जाता है।
एबीएसए पंकज अग्रवाल का कहना है कि यह बेहद गंभीर मामला है, जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम आरएन पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को महाशिवरात्रि का अवकाश है। शनिवार को वह खुद स्कूल में पहुंचकर मामले की जांच करेंगे। खामी सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।