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Hapur News: खादर में खेतों और आबादी के पास भरा पानी
Sat, 19 Aug 2023 10:04 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 19 Aug 2023 10:04 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में तेजी से गिरावट के बावजूद खेतों और आबादी के पास पानी कम नहीं हुआ है। जिससे खादर क्षेत्र में बीमारियों के फैलने की भी संभावना बन रही है।
पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण पिछले एक सप्ताह से गढ़ क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। जिससे कुदैनी की मढ़ैया, रेतों वाली मढ़ैया, इनायतपुर समेत अन्य गांवों में अघोषित बाढ़ की स्थिति बन गई थी। लेकिन शुक्रवार से जलस्तर में कमी आना शुरू हो गया है। इसके बावजूद भी खादर क्षेत्र के गांवों के लोगों की परेशानी कम नहीं हो पा रहीं हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार शुक्रवार को जहां ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.88 मीटर (समुद्र तल से) था, जो शनिवार की सुबह 18 सेंटीमीटर कम होकर 198.70 मीटर तक हो गया। वहीं शाम छह बजे तक एक बार फिर नौ सेंटीमीटर बढ़ा और 198.79 मीटर के निशान पर दर्ज किया गया। शनिवार को भी बिजनौर बैराज से 1 लाख 31 हजार 113 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
ग्रामीणों को नावों का लेना पड़ रहा सहारा
खेतों और आबादी में भरा हुआ पानी दिक्कत का कारण है। कई स्थानों पर अभी भी रास्तों पर दो से तीन फिट पानी भरा है। जिससे आवागमन बाधित है। चारे की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए चुनौती भरा बना हुआ है। गंगा नगर के ग्रामीणों को ब्रजघाट आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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प्रशासन ने वितरित की खाद्य सामग्री
उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण गढ़ क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढ़ैया, काकाठेर की मढ़ैया, गड़ावली और नयाबांस में अधिक पानी पहुंच गया था। शनिवार को डीएम के निर्देश पर एडीएम संदीप कुमार और एसडीएम अंकित कुमार वर्मा ने खादर क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर खाद्य सामग्री वितरित की। सामग्री में गुड़, चना, चीनी, तेल, आटा, आलू, मसाले, नमक आदि था।
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पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण पिछले एक सप्ताह से गढ़ क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। जिससे कुदैनी की मढ़ैया, रेतों वाली मढ़ैया, इनायतपुर समेत अन्य गांवों में अघोषित बाढ़ की स्थिति बन गई थी। लेकिन शुक्रवार से जलस्तर में कमी आना शुरू हो गया है। इसके बावजूद भी खादर क्षेत्र के गांवों के लोगों की परेशानी कम नहीं हो पा रहीं हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार शुक्रवार को जहां ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.88 मीटर (समुद्र तल से) था, जो शनिवार की सुबह 18 सेंटीमीटर कम होकर 198.70 मीटर तक हो गया। वहीं शाम छह बजे तक एक बार फिर नौ सेंटीमीटर बढ़ा और 198.79 मीटर के निशान पर दर्ज किया गया। शनिवार को भी बिजनौर बैराज से 1 लाख 31 हजार 113 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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ग्रामीणों को नावों का लेना पड़ रहा सहारा
खेतों और आबादी में भरा हुआ पानी दिक्कत का कारण है। कई स्थानों पर अभी भी रास्तों पर दो से तीन फिट पानी भरा है। जिससे आवागमन बाधित है। चारे की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए चुनौती भरा बना हुआ है। गंगा नगर के ग्रामीणों को ब्रजघाट आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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प्रशासन ने वितरित की खाद्य सामग्री
उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण गढ़ क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढ़ैया, काकाठेर की मढ़ैया, गड़ावली और नयाबांस में अधिक पानी पहुंच गया था। शनिवार को डीएम के निर्देश पर एडीएम संदीप कुमार और एसडीएम अंकित कुमार वर्मा ने खादर क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर खाद्य सामग्री वितरित की। सामग्री में गुड़, चना, चीनी, तेल, आटा, आलू, मसाले, नमक आदि था।