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Hapur News: चार टीमें कर रहीं तलाश, नहीं लगा तेंदुए का सुराग
Sat, 27 Apr 2024 10:38 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 27 Apr 2024 10:38 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव चित्तौड़ा-सालारपुर के जंगल में 25 अप्रैल की सुबह तेंदुए ने खेतों पर काम कर रहे किसानों पर हमला किया था। तभी से वन विभाग की चार टीम जंगल में लगातार कांबिंग कर रही हैं। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग सका है। जिसके चलते ग्रामीण और किसान दहशत में हैं।
तेंदुए द्वारा हमले की सूचना पर मुख्य वन संरक्षण मेरठ एवं मुरादाबाद एके जानू समेत पांच जनपदों की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से वार्ता की। जिसके बाद जंगल में कांबिंग शुरू की गई। घंटों चली कांबिंग के बाद भी तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग सका। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चार टीमों का गठन किया गया, वहीं घटना स्थल समेत आसपास के जंगल में तीन पिंजरे भी लगवा दिए गए। लेकिन तीसरा दिन बीतने के बाद भी तेंदुआ वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
ग्रामीणों को भी किया जा रहा जागरूक
गांवों की आबादी के निकट जंगल में तेंदुआ होने की आशंका के चलते चित्तौड़ा, सिकंदरपुर, सालारपुर समेत अन्य कई गांवों के लोगों में दहशत कम नहीं हो पा रही है। वहीं हमले में घायल किसान और उनके परिजन और भी अधिक डरे हुए हैं। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिसने अकेले जंगल में न जाने और वन विभाग के सहयोग की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि टीमें लगातार तेंदुए की तलाश कर रही हैं। पिंजरे लगे हुए हैं। संभवत: जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
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तेंदुए द्वारा हमले की सूचना पर मुख्य वन संरक्षण मेरठ एवं मुरादाबाद एके जानू समेत पांच जनपदों की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से वार्ता की। जिसके बाद जंगल में कांबिंग शुरू की गई। घंटों चली कांबिंग के बाद भी तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग सका। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चार टीमों का गठन किया गया, वहीं घटना स्थल समेत आसपास के जंगल में तीन पिंजरे भी लगवा दिए गए। लेकिन तीसरा दिन बीतने के बाद भी तेंदुआ वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
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ग्रामीणों को भी किया जा रहा जागरूक
गांवों की आबादी के निकट जंगल में तेंदुआ होने की आशंका के चलते चित्तौड़ा, सिकंदरपुर, सालारपुर समेत अन्य कई गांवों के लोगों में दहशत कम नहीं हो पा रही है। वहीं हमले में घायल किसान और उनके परिजन और भी अधिक डरे हुए हैं। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिसने अकेले जंगल में न जाने और वन विभाग के सहयोग की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि टीमें लगातार तेंदुए की तलाश कर रही हैं। पिंजरे लगे हुए हैं। संभवत: जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
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