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Hapur News: तिरपाल फैक्टरी में लगी भीषण आग
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पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सद्दीकपुरा में तिरपाल बनाने की फैक्टरी में सोमवार दोपहर आग लग गई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था। आग लगने का कारण र्शाट सर्किट बताया जा रहा है।
स्थानीय मोहल्ला किशनगंज निवासी यूसुफ की सद्दीकपुरा नई आबादी कासगंज में मोटे धागे से तिरपाल बनाने की फैक्टरी है। शॉट सर्किट होने के कारण सोमवार दोपहर फैक्टरी में आग लग गई। उस समय फैक्टरी में मजदूर काम कर रहे है। मजदूरों ने आग बुझाने का प्रयास किया, विफल रहने पर मामले की सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना पर दो गाडिय़ों के साथ पहुंचे दमकल कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्टरी स्वामी यूसुफ का कहना है कि आग में लाखोंं का धागा, तिरपाल और सामान जलकर राख हो गया। पिलखुवा फायर स्टेशन के प्रभारी सचिन बालियान का कहना है कि कर्मियों ने दो दो घंटे में आग पर काबू पाया। आग शॉट सर्किट होने के कारण फैक्टरी में आग लगी थी।
आबादी के बीच है फैक्टरी
फायर स्टेशन प्रभारी का कहना है कि फैक्टरी बिना मानक संचालित आबादी के बीच संचालित हो रही है। फैक्टरी के कागजात और विभाग की एनओसी के संबंध में जानकारी की जा रही है।
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घरों से बाहर निकले लोग
फैक्टरी के आसपास बड़ी संख्या में मकान होने के कारण आग लगने का खतरा बढ़ गया था। आग लगते ही घरों से लोग बाहर निकल आए। दो घंटे बाद जब आग बुझी तब सभी लोग अपने घरों में लौटे।
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स्थानीय मोहल्ला किशनगंज निवासी यूसुफ की सद्दीकपुरा नई आबादी कासगंज में मोटे धागे से तिरपाल बनाने की फैक्टरी है। शॉट सर्किट होने के कारण सोमवार दोपहर फैक्टरी में आग लग गई। उस समय फैक्टरी में मजदूर काम कर रहे है। मजदूरों ने आग बुझाने का प्रयास किया, विफल रहने पर मामले की सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना पर दो गाडिय़ों के साथ पहुंचे दमकल कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्टरी स्वामी यूसुफ का कहना है कि आग में लाखोंं का धागा, तिरपाल और सामान जलकर राख हो गया। पिलखुवा फायर स्टेशन के प्रभारी सचिन बालियान का कहना है कि कर्मियों ने दो दो घंटे में आग पर काबू पाया। आग शॉट सर्किट होने के कारण फैक्टरी में आग लगी थी।
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आबादी के बीच है फैक्टरी
फायर स्टेशन प्रभारी का कहना है कि फैक्टरी बिना मानक संचालित आबादी के बीच संचालित हो रही है। फैक्टरी के कागजात और विभाग की एनओसी के संबंध में जानकारी की जा रही है।
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घरों से बाहर निकले लोग
फैक्टरी के आसपास बड़ी संख्या में मकान होने के कारण आग लगने का खतरा बढ़ गया था। आग लगते ही घरों से लोग बाहर निकल आए। दो घंटे बाद जब आग बुझी तब सभी लोग अपने घरों में लौटे।