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जानकारी के अभाव में कट रही किसानों की जेबें
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 06 Jan 2017 09:19 PM IST
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किसान
- फोटो : amar ujala
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विद्युत निगम द्वारा सभी किसानों को अपने नलकूप कनेक्शन के साथ संट कैपिस्टर नामक यंत्र लगवाने के निर्देश दिए जाते है। किसानों में जागरूकता की कमी के चलते कैपिस्टर न लगवाने से निगम द्वारा उपभोक्ता के प्रतिमाह बिल में 15 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है।
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इसे किसानों में जागरुकता का अभाव कहें या विद्युत निगम द्वारा किसानों का शोषण, जो हर माह किसानों को लाखों का चूना लग रहा है। विद्युत विभाग के स्थानीय डिवीजन से करीब नौ हजार नलकूप के कनेक्शन किसानों को दिए गए हैं।
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इसमें 7.50 एचपी से लेकर 15 एचपी तक के कनेक्शन हैं। औसतन 10 एचपी के कनेक्शन लेने वाले किसानों की संख्या अधिक है। आलम यह है कि करीब नौ हजार नलकूप उपभोक्ताओं में से लगभग छह हजार उपभोक्ताओं के यहां ही संट कैपिस्टर विद्युत यंत्र लगा हुआ है।
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लगभग तीन हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके यहां संट कैपिस्टर यंत्र नहीं लगा है। इन उपभोक्ताओं से प्रत्येक माह उनके टोटल बिल से 15 प्रतिशत धनराशि कैपिस्टर चार्ज के रूप में वसूली जाती है।
उपखंड अधिकारी दीपांशु सहाय ने बताया कि कैपिस्टर यंत्र किसानों द्वारा ही अपने नलकूप पर लगाया जाता है। यंत्र की रसीद को अपनी नलकूप बुक में दर्ज कराकर आगे से उनके बिल में यंत्र के चार्ज को नहीं जोड़ा जाता है।
नलकूप में लगने वाले तारों में विद्युत सप्लाई को नियंत्रित रखने के लिए संट कैपिस्टर का प्रयोग किया जाता है। इसमें नलकूप के तीनों फेस के तारों को जोड़ा जाता है।