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Hapur News: आलू का भुगतान न होने पर किसानों ने अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
Tue, 23 Dec 2025 09:59 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 23 Dec 2025 09:59 PM IST
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हापुड़। आलू का भुगतान न होने से नाराज जनपद के किसानों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने बुधवार तक भूख हड़ताल पर रहने और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का एलान किया। जिले के 126 आलू किसानों का बेंगलुरु की कंपनी पर करीब 3.50 करोड़ रुपये बकाया है। रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर धरने के बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हो रहा है।
जनपद के 126 आलू किसानों का बेंगलुरु की उत्कल ट्यूबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर 3.80 करोड़ रुपये का बकाया है। कई थानों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कंपनी ने किसानों का भुगतान नहीं किया है, जबकि कंपनी के अधिकारी कोल्ड स्टोर से लगभग पूरा आलू निकालकर बेच चुके हैं। डीएम के साथ हुई बैठक के बाद भी कंपनी के अधिकारियों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। यहां तक कि गुपचुप तरीके से जिले से सभी चले गए हैं। पिछले दिनों हुई बैठक में बेंगलुरु जाकर कंपनी के अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर डीएम ने आदेश दिए थे। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।
वहीं, किसानों का आरोप है कि कोल्ड स्टोर से अधिकतर आलू निकलने के बाद भी कंपनी ने उनका भुगतान नहीं किया है। इस मामले में किसानों ने जिला उद्यान अधिकारी पर भी लापरवाही के कई बार आरोप लगाए हैं। यहां तक कि कंपनी के अधिकारी डीएम की उपस्थिति में हुए समझौते के बावजूद वादों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस कारण जिले के आलू किसान भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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इस दौरान मनवीर सिंह, सुखपाल, समीर, नगेंद्र, मयंक, रविंद्र, अंकित, हरपाल सिंह, संजीव कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, गुरजीत सिंह, कमलेश, रामनिवास, धर्मेंद्र कुमार, पुष्पा, संदेश गिल, समरपाल सिंह, शौराज सिंह, अनुज शर्मा, योगेंद्र शर्मा आदि किसान मौजूद रहे।
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यह था पूरा मामला--
किसानों ने बताया कि कांट्रेक्ट फार्मिंग करा रही उत्कल ट्यूबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने किसानों को आलू का बीज महंगे मूल्य पर उपलब्ध कराया था। उसके बदले में उत्पादन को भी महंगे मूल्य पर खरीदने का भरोसा दिया था। कंपनी के प्रतिनिधि लगातार किसानों के संपर्क में रहे। नवंबर 2024 में हुए इस अनुबंध के तहत कंपनी ने हापुड़ के कनिया कल्याणपुर, बाबूगढ़ और आसपास के गांवों के 126 किसानों व मेरठ के किसानों को बीज उपलब्ध कराए। किसानों ने कंपनी के अधिकारियों संजय महंत, परवीर, अमित तोमर और तरुण के साथ लिखित समझौते किए। उसके बाद जनवरी-फरवरी 2025 आलू की उपज कंपनी को सौंप दी गई, लेकिन भुगतान नहीं मिला।
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जनपद के 126 आलू किसानों का बेंगलुरु की उत्कल ट्यूबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर 3.80 करोड़ रुपये का बकाया है। कई थानों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कंपनी ने किसानों का भुगतान नहीं किया है, जबकि कंपनी के अधिकारी कोल्ड स्टोर से लगभग पूरा आलू निकालकर बेच चुके हैं। डीएम के साथ हुई बैठक के बाद भी कंपनी के अधिकारियों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। यहां तक कि गुपचुप तरीके से जिले से सभी चले गए हैं। पिछले दिनों हुई बैठक में बेंगलुरु जाकर कंपनी के अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर डीएम ने आदेश दिए थे। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।
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वहीं, किसानों का आरोप है कि कोल्ड स्टोर से अधिकतर आलू निकलने के बाद भी कंपनी ने उनका भुगतान नहीं किया है। इस मामले में किसानों ने जिला उद्यान अधिकारी पर भी लापरवाही के कई बार आरोप लगाए हैं। यहां तक कि कंपनी के अधिकारी डीएम की उपस्थिति में हुए समझौते के बावजूद वादों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस कारण जिले के आलू किसान भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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इस दौरान मनवीर सिंह, सुखपाल, समीर, नगेंद्र, मयंक, रविंद्र, अंकित, हरपाल सिंह, संजीव कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, गुरजीत सिंह, कमलेश, रामनिवास, धर्मेंद्र कुमार, पुष्पा, संदेश गिल, समरपाल सिंह, शौराज सिंह, अनुज शर्मा, योगेंद्र शर्मा आदि किसान मौजूद रहे।
यह था पूरा मामला
किसानों ने बताया कि कांट्रेक्ट फार्मिंग करा रही उत्कल ट्यूबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने किसानों को आलू का बीज महंगे मूल्य पर उपलब्ध कराया था। उसके बदले में उत्पादन को भी महंगे मूल्य पर खरीदने का भरोसा दिया था। कंपनी के प्रतिनिधि लगातार किसानों के संपर्क में रहे। नवंबर 2024 में हुए इस अनुबंध के तहत कंपनी ने हापुड़ के कनिया कल्याणपुर, बाबूगढ़ और आसपास के गांवों के 126 किसानों व मेरठ के किसानों को बीज उपलब्ध कराए। किसानों ने कंपनी के अधिकारियों संजय महंत, परवीर, अमित तोमर और तरुण के साथ लिखित समझौते किए। उसके बाद जनवरी-फरवरी 2025 आलू की उपज कंपनी को सौंप दी गई, लेकिन भुगतान नहीं मिला।