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Hapur News: जमीन अधिग्रहण के विरोध में आज वीसी से मिलेंगे किसान
Thu, 29 Aug 2024 10:45 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 29 Aug 2024 10:45 PM IST
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हापुड़। बृहस्पतिवार को आनंद विहार आवासीय योजना से प्रभावित किसान धौलाना विधायक धर्मेश तोमर से मिले। उन्होंने एचपीडीए द्वारा जमीनों के अधिग्रहण में अनियमितता बरतने व प्राधिकरण की स्थापना से पहले बने भवन व दुकानों को छोड़ने की एवज में 19 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर जमा कराने का आरोप लगाया। विधायक ने मामले में किसानों का पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। इसी मामले में विधायक के साथ किसानों का प्रतिनिधिमंडल आज एचपीडीए के उपाध्यक्ष से मिलेगा।
किसानों ने बताया कि योजना में प्राधिकरण के गठन से पहले ही बने मकान, दुकान भी प्राधिकरण ने गैर कानूनी तरीके से अधिग्रहण कर लिए। अब प्राधिकरण इन दुकानों को छोड़ने की एवज में 19 हजार रुपये प्रति मीटर की मांग कर रहे हैं, जबकि किसानों को इन मकान दुकानों का मुआवजा 261 रुपये प्रति मीटर ही दे रहे हैं। जमीनों का अवार्ड करने में भी गड़बड़ी की गई है।एडीएम भू अर्जन/सिंचाई गाजियाबाद द्वारा गैरकानूनी रूप से किसानों की जमीनों पर कब्जा परिवर्तन कर दिया। कब्जा परिवर्तन से पूर्व कोई मुआवजा व नोटिस नहीं दिया। इतना ही नहीं नया भूमि अधिनियम लागू होने से एक दिन पहले 31 दिसंबर 2013 को अवार्ड घोषित कर दिया। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मुआवजा भी न्यायालय में जमा नहीं किया, फिर सात साल बाद अवार्ड बना दिया, जो किसानों से उनकी भूमि छीनने का षड़यंत्र है। किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों से जमीन लेकर प्राधिकरण व्यक्तिगत लाभ लेकर अपने चहेतों को कौड़ियों के दाम पर बंदरबांट कर रहा है। इतना ही नहीं एडीएम एलए ने खतौनियों से किसानों का नाम काटकर एचपीडीए के नाम दर्ज करा दिए हैं, जो गलत है। ज्ञापन देने वालों में अजय कुमार त्यागी, चौधरी संजय त्यागी, नूतन प्रकाश त्यागी आदि मौजूद रहे। वहीं धौलाना विधायक धर्मेश तोमर ने बताया कि किसानों को साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में वह शुक्रवार को किसानों के साथ एचपीडीए के उपाध्यक्ष से मिलेंगे। जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री से भी मिले थे किसान
आनंद विहार आवासीय योजना से प्रभावित किसान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे। किसानों की बात सुनकर उन्होंने मामले में सहयोग का आश्वासन दिया था। संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देशन भी दिया था। लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में धौलाना विधायक के साथ किसानों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगा।
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किसानों ने बताया कि योजना में प्राधिकरण के गठन से पहले ही बने मकान, दुकान भी प्राधिकरण ने गैर कानूनी तरीके से अधिग्रहण कर लिए। अब प्राधिकरण इन दुकानों को छोड़ने की एवज में 19 हजार रुपये प्रति मीटर की मांग कर रहे हैं, जबकि किसानों को इन मकान दुकानों का मुआवजा 261 रुपये प्रति मीटर ही दे रहे हैं। जमीनों का अवार्ड करने में भी गड़बड़ी की गई है।एडीएम भू अर्जन/सिंचाई गाजियाबाद द्वारा गैरकानूनी रूप से किसानों की जमीनों पर कब्जा परिवर्तन कर दिया। कब्जा परिवर्तन से पूर्व कोई मुआवजा व नोटिस नहीं दिया। इतना ही नहीं नया भूमि अधिनियम लागू होने से एक दिन पहले 31 दिसंबर 2013 को अवार्ड घोषित कर दिया। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मुआवजा भी न्यायालय में जमा नहीं किया, फिर सात साल बाद अवार्ड बना दिया, जो किसानों से उनकी भूमि छीनने का षड़यंत्र है। किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों से जमीन लेकर प्राधिकरण व्यक्तिगत लाभ लेकर अपने चहेतों को कौड़ियों के दाम पर बंदरबांट कर रहा है। इतना ही नहीं एडीएम एलए ने खतौनियों से किसानों का नाम काटकर एचपीडीए के नाम दर्ज करा दिए हैं, जो गलत है। ज्ञापन देने वालों में अजय कुमार त्यागी, चौधरी संजय त्यागी, नूतन प्रकाश त्यागी आदि मौजूद रहे। वहीं धौलाना विधायक धर्मेश तोमर ने बताया कि किसानों को साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में वह शुक्रवार को किसानों के साथ एचपीडीए के उपाध्यक्ष से मिलेंगे। जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
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मुख्यमंत्री से भी मिले थे किसान
आनंद विहार आवासीय योजना से प्रभावित किसान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे। किसानों की बात सुनकर उन्होंने मामले में सहयोग का आश्वासन दिया था। संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देशन भी दिया था। लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में धौलाना विधायक के साथ किसानों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगा।
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