फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   E-rickshaw drivers' strike disrupts traffic, leaves people in trouble

Hapur News: ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल से चरमराई यातायात व्यवस्था, लोग हुए परेशान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:44 PM IST
विज्ञापन
E-rickshaw drivers' strike disrupts traffic, leaves people in trouble
शहर में ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल होने के बाद पैदल जाते राहगीर। संवाद
हापुड़। पुलिस प्रशासन पर उत्नीड़पन का आरोप लगाते हुए शहर में शुक्रवार को करीब आठ हजार ई-रिक्शा चालक एक दिन की प्रस्तावित हड़ताल पर चले गए। हड़ताल से शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। इससे यात्रियों, स्कूली बच्चों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया और एएसडीएम रेनू सिंह को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। चालकों की हड़ताल के कारण दिनभर राहगीर भीषण गर्मी में पैदल चलने को मजबूर हुए।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक और जिला अध्यक्ष वरुण त्यागी के नेतृत्व में चालकों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि शहर में आठ हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित होते हैं, जिनसे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी है। प्रशासन द्वारा ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित रूट बहुत छोटे हैं, जिससे उन्हें लंबा घूमकर जाना पड़ता है और उनकी आमदनी प्रभावित होती है।
विज्ञापन

शहर में ई-रिक्शा के लिए कोई निर्धारित स्टैंड नहीं है। इससे बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और उन्हें खड़े होने की जगह नहीं मिलती। शहर के रेलवे स्टेशन पर ई- रिक्शा चालकों से जबरन पर्ची काटकर अवैध वसूली की जाती है। इसके अलावा सड़कों पर पुलिसकर्मियों द्वारा चालकों से अभद्रता की जाती है। चालकों ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से ई-रिक्शा चालकों के लिए उचित रूट और स्टैंड निर्धारित करने और अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग उठाई है। ज्ञापन सौंपने वालों में तेजकरण, जितेंद्र सूर्यवंशी, उमाशंकर खटीक, अफजल, राजेश शर्मा, पप्पू यादव, वकील, रजन, सोनू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
पैदल चलने में निकला राहगीरों का पसीना-
ई -रिक्शा चालकों ही हड़ताल से शहर की सड़कों से लेकर बाजार तक ई -रिक्शा गायब दिखाई दिए। जिसके चलते शहर के गढ़ रोड, मेरठ तिहरा, तहसील चौपला, बुलंदशहर रोड, फ्रीगंज रोड के साथ ही गोल मार्केट, चंडी रोड सहित शहरभर में लोग भीषण गर्मी में पैदल चलने को मजबूर हुए, जिससे उनका पसीना निकल गया। रेलवे स्टेशन पर दूर दराज से आने वाले यात्रियों को भी तहसील चौपला सहित शहर के अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए पैदल की सफर करना पड़ा। स्कूली बच्चों को भी आवागमन में परेशानी हुई। बड़ी संख्या में ई- रिक्शा ही स्कूली बच्चों को लाना ले जाना करते हैं। दिनभर राहगीर ई -रिक्शा के अभाव में भटकने को मजबूर हुए। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
----
कारोबार भी हुआ प्रभावित-
शहर के पक्का बाग मंडी से किराना, लोहा, चावल, चीनी, हार्डवेयर सहित अन्य सामान की शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ई रिक्शा के माध्यम से आपूर्ति होती है। लेकिन ई रिक्शा चालकों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को मंडी पाटिया भी सूनी दिखाई दी, जिससे व्यापारियों का लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
---
जाम से मिली रही निजात-

हड़ताल के कारण जहां राहगीरों को परेशानी हुई, वहीं शहर की सड़कों पर इनके गायब रहने से शहर पूरी तरह जाम मुक्त रहा। ई-रिक्शाएं न होने से तहसील चौपला, बुलंदशहर रोड, फ्रीगंज रोड, दिल्ली रोड सहित सभी मुख्य सड़के सूनी दिखाई दी। वहीं, बाजारों में भी ई-रिक्शाओं का जमावड़ा न होने से जाम से निजात मिली रही। ऐसे में लोगों को जाम से नहीं जूझना पड़ा।

----
शहर को जाम से मुक्त रखा जाए और वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए ई -रिक्शाओं के संचालन के लिए कुछ नियम निर्धारित हैं। चालकों से अवैध वसूली या उत्पीड़न जैसा कोई मामला नहीं है। ई-रिक्शा चालकों की मांग पर ध्यान देते हुए उन्हें राहत दिलाने का कार्य भी किया जाएगा।-राहुल यादव, सीओ यातायात।

शहर में ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल होने के बाद पैदल जाते राहगीर। संवाद

शहर में ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल होने के बाद पैदल जाते राहगीर। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed