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कैश न मिलने पर चढ़ा ग्राहकों का पारा, हंगामा

Sat, 17 Dec 2016 10:00 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़ Updated Sat, 17 Dec 2016 10:00 PM IST
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do not cash customers commotion.
ग्राहकों ने की जमकर नारेबाजी - फोटो : अमर उजाला

डूहरी गांव स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में घंटों लाइन में लगने के बाद भी कैश न मिलने पर ग्राहकों का पारा चढ़ गया। गुस्साए लोगों ने शाखा प्रबंधक पर अपने खास लोगों को कैश देने और अभद्रता का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। शाखा प्रबंधक ने ग्राहकों के आरोप को निराधार बताया है।

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शनिवार दोपहर डूहरी गांव स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर कैश खत्म होने पर ग्राहक हंगामा करने लगे। आक्रोशित ग्राहकों ने बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक का व्यवहार जनता के प्रति ठीक नहीं है। बैंक खुलते ही कैश खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया जाता है।
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जब ग्राहक कैश के संबंध में जानकारी मांगते हैं तो उनसे शाखा प्रबंधक द्वारा अभद्रता की जाती है। अपने खास लोगों को नोटिस चस्पा होने के बाद भी शाखा प्रबंधक कैश देते हैं। गुस्साए ग्राहकों ने कहा कि भले ही थोड़ा मिले, लेकिन सभी ग्राहकों को कैश मिलना चाहिए।
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हंगामे के दौरान संतोष, सितारा, सपना, मोनिका, दयावती, प्रमिला, बाला, उमेश, सतेंद्र, प्रशांत, गौरव आदि मौजूद रहे। शाखा प्रबंधक ने ग्राहकों के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि भीड़ को देखते हुए बैंक में अतिरिक्त काउंटर खोले गए थे। जितना कैश मिल रहा है, सभी ग्राहकों को बांटा जा रहा है।

वहीं गढ़ में शनिवार को बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई शाखाओं में कैश नहीं पहुंचा। सिंडिकेट झड़ीना में दोपहर एक बजे से पहले ही कैश खत्म हो गया। भैना और बहादुरगढ़ शाखाओं में कनेक्टिविटी ठप होने से कैश वितरण नहीं हो पाया।

कई घंटों तक लाइन में खड़े होने के बाद भी जब लोगों को पैसा नहीं मिला तो अधिकांश लोग एटीएम पर पहुंच गए। वहां भी पैसा न मिलने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोग ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

नगर के ज्यादातर बैंकों के बाहर दलाल नंबर पर्ची ब्लैक कर रहे हैं। शनिवार को रेलवे रोड स्थित एक बैंक के बाहर मामला पकड़ में आने पर दलाल भाग निकले। बैंकों में भीड़ कम करने के लिए नंबर पर्ची की व्यवस्था लागू की गई है। लाइन में लगे ग्राहकों को बैंक द्वारा पर्ची दी जा रही है।

इसी पर्ची के आधार पर कैश वितरित किया जा रहा है। शनिवार को रेलवे रोड स्थित एक बैंक के बाहर कतार में लगे ग्राहकों को सुबह करीब 10.30 बजे कैश लेने के लिए नंबर पर्ची वितरित कर दी गई। इसके बाद आने वाले ग्राहकों को कैश खत्म होने की बात कह, सुरक्षा कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया।

बैंक के बाहर दो दलाल परेशान ग्राहकों को अपने जाल में फंसा रहे थे। दलाल 100 रुपये लेकर ग्राहकों को नंबर पर्ची बेच रहे थे। मामला पकड़ में आने पर कुछ ग्राहकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख दलाल वहां से भाग निकले।

इन दलालों को नंबर पर्ची कैसे मिली, यह बड़ा सवाल है। एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने कहा कि ग्राहकों की सहूलियत के लिए नंबर पर्ची दी जा रही है। दलालों को बैंक के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाता है। फिर भी वह इसकी जांच करेंगे।

नोटबंदी के 39वें दिन भी बैंकों के हालात नहीं सुधरे हैं। अधिकांश बैंकों के बाहर नो कैश का नोटिस चस्पा रहा। कुछ बैंकों से कैश मिला, लेकिन दोपहर तक वह भी जवाब दे गए। एटीएम सुविधा में कोई सुधार नहीं हो सका है। ऐसे में ग्राहकों को दिनभर कैश के लिए इधर से उधर भटकना पड़ा।

शनिवार को भी ग्राहकों को इस समस्या जूझना पड़ा। अधिकांश बैंकों में कैश नहीं पहुंच सका। जिन बैंकों से कैश मिला, दोपहर तक वह भी जवाब दे गए। ऐसे में ग्राहकों को घंटों इंतजार के बाद भी मायूसी हाथ लगी। एटीएम सुविधा अब भी बदहाल पड़ी है, अधिकांश एटीएम के तो शटर भी नहीं खोले गए हैं।

नगर में सिर्फ गढ़ रोड स्थित आईसीआईसीआई, पीएनबी, बुलंदशहर रोड स्थित स्टेट बैंक के एटीएम से ही कैश मिल पा रहा है। एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि ऊपर से ही पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। इसके चलते बैंकों में यह समस्या बन रही है। जितना पैसा मिलता है, सब ग्राहकों को बांट दिया जाता है।

फरवरी में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इसको देखते हुए नोटबंदी की मार झेल रहे व्यापारियों की बेचैनी और बढ़ गई है। चुनाव के दौरान ट्रांसपोर्टेशन की दिक्कत के चलते शादियों के आने वाले सीजन में भी 20 फीसदी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

गौरतलब है कि नवंबर और दिसंबर में जितनी शादियां हुईं, उन पर नोटबंदी का पूरा असर रहा। इस दौरान व्यापार भी बुरी तरह से प्रभावित रहा। शादियों के सीजन में जहां दिनरात बाजार गुलजार रहते थे, वहीं दुकानदार इस बार एक-एक ग्राहक को तरसते रहे।

40 फीसदी से अधिक कारोबार प्रभावित होने के कारण व्यापारियों का बड़ा नुकसान हुआ। व्यापारियों को उम्मीद थी कि 15 जनवरी से शुरू हो रहे शादियों के सीजन में इस नुकसान की भरपाई हो जाएगी, लेकिन संभावित चुनाव ने एक बार फिर व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

व्यापारी नेता टुक्कीराम गर्ग ने कहा कि चुनाव के दौरान जहां ट्रांसपोर्टेशन की दिक्कत होती है, वहीं अधिक कैश ले जाने में भी परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में शादियों के इस सीजन में व्यापारी को निश्चित रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

बैंक की लाइन में धक्का मुक्की के दौरान घायल होकर जान गंवाने वाले दिव्यांग किसान के परिजनों को शासन स्तर से मदद मिलेगी। बता दें कि बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सेहल निवासी 59 वर्षीय दिव्यांग किसान लेखराम पुत्र तिरखा सिंह बैंक शाखा बहादुरगढ़ के बाहर लाइन में खड़े थे।

वहां धक्का मुक्की के दौरान वह जमीन पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें गढ़ के नर्सिंग होम में ले गए थे। वहां से उन्हें हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया गया था। वहां इलाज के दौरान लेखराम की मौत हो गई थी।


एसडीएम आरएन पांडेय ने कहा कि अगर दिव्यांग लेखराम के नाम कृषि भूमि थी तो उन्हें शासन स्तर से हरसंभव आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। तहसील स्तर से भी एक टीम मृतक आश्रित परिवार की सुध लेने उनके घर भेजी जाएगी।

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