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दिव्यांग बच्चों का विद्यालय अधर में लटका

Wed, 26 Oct 2016 08:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Wed, 26 Oct 2016 08:21 PM IST
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divyanga School hang.
दिव्यांग बच्चों का विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

अफसरों की लापरवाही के चलते 65.86 लाख की लागत से बनने वाले दिव्यांग बच्वों का आवासीय विद्यालय अधर में लटक गया है। जिलाधिकारी कार्यालय से मात्र 100 कदमों की दूरी पर बन रहे मूक-बधिर बच्चों के आवासीय विद्यालय के निर्माण में अब तक 33 लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं।

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विद्यालय को बनवा रहे जल विभाग के अफसर केंद्र और प्रदेश सरकार के अफसरों पर लेट लतीफी का ठीकरा फोड़ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार के मल्टीसेक्टोरियल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत डायट परिसर में
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दिव्यांग बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय बनाए जाने को 2013-14 में स्वीकृति मिली थी। केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 65.86 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस कार्य की जिम्मेदारी यूपी जल निगम को सौंपी गई थी।
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स्कूल का निर्माण कार्य सितंबर 2014 में शुरू होकर जनवरी 2016 में पूरा होना था। जल निगम के अफसरों के मुताबिक केंद्र की ओर से विद्यालय निर्माण के लिए जारी बजट की पहली किश्त मिली, जिसके बाद निर्माण शुरू हुआ और कमरे भी बने।

मगर कमरों के लेंटर पड़ने के बाद धन के आभाव में कार्य बंद हो गया। जल निगम के परियोजना प्रबंधक बनी सिंह ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने पहली किश्त के रूप में करीब 33 लाख रुपये दिए थे।

इस पैसे से कार्य कराया गया, लेकिन दूसरी किश्त समय पर नहीं आने से कार्य अटक गया। हालांकि, चार माह पूर्व बाकी रकम प्रदेश सरकार को मिल गई है,

लेकिन प्रदेश सरकार के अफसरों ने पैसा रिलीज नहीं किया है। जिलाधिकारी को इस बाबत पत्र भेजा जा चुका है। राशि मिलते ही निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा।

जल निगम के अफसर भले ही बाकी की राशि आने पर भवन निर्माण पूरा कहने की बात कह रहे हों, मगर निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। भवन पर अभी तक प्लास्टर भी नहीं हुआ है।


इतना ही नहीं एक जीना भी निर्माणाधीन है, लेकिन वह कब गिर जाए पता नहीं। जीने की चौड़ाई इतनी है कि एक व्यक्ति बामुश्किल आ-जा सके। कुल मिलाकर कार्य की गुणवत्ता पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया।

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