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Hapur News: गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग, किसानों ने घेरा कलक्ट्रेट, प्रदर्शन
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कलक्ट्रेट पर धरना देते किसान। संवाद
हापुड़। भाकियू ने शुक्रवार को प्रदेशव्यापी आह्वान पर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर के नेतृत्व में किसानों ने पंचायत कर गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने समेत छह मांगें उठाईं। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर ने कहा कि गन्ना प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन गन्ने के मूल्य में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और किसानों को समय से भुगतान कराने की मांग की।
ज्ञापन में असमय बारिश और तेज हवाओं से धान, उड़द, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की गई। साथ ही आलू भंडारण शुल्क में सरकारी सहायता का लाभ पहले आलू निकाल चुके पात्र किसानों को भी देने और आलू बीज की कीमत 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक सीमित करने की मांग उठाई।
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किसानों ने ठेका और बटाई पर खेती करने वालों को मुआवजा देने तथा समितियों पर यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में मोनू त्यागी, जितेंद्र नागर, राधेलाल त्यागी सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष पवन हूण गुर्जर ने कहा कि गन्ना प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन गन्ने के मूल्य में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और किसानों को समय से भुगतान कराने की मांग की।
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ज्ञापन में असमय बारिश और तेज हवाओं से धान, उड़द, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की गई। साथ ही आलू भंडारण शुल्क में सरकारी सहायता का लाभ पहले आलू निकाल चुके पात्र किसानों को भी देने और आलू बीज की कीमत 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक सीमित करने की मांग उठाई।
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किसानों ने ठेका और बटाई पर खेती करने वालों को मुआवजा देने तथा समितियों पर यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में मोनू त्यागी, जितेंद्र नागर, राधेलाल त्यागी सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।