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ब्रजनाथपुर चीनी में तीन कर्मचारियों की दर्दनाक मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 06 Apr 2016 09:03 PM IST
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ब्रजनाथपुर शुगर मिल में तीन कर्मचारियों की दर्दनाक मौत
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रजनाथपुर शुगर मिल के पैन हाउस के एक टैंक (पैन) में उतरे तीन कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में चार अन्य कर्मचारी भी बेहोश हो गए। डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। मिल प्रबंधन ने मृतक आश्रित परिवारों को बारह-बारह लाख रुपये देने की घोषणा की है।
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ब्रजनाथपुर शुगर मिल में इन दिनों पेराई बंद है। बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे मिल के पैन हाउस के एक टैंक की मरम्मत की जा रही थी। मिल कर्मचारी बोरडा तिवारी गांव सदर कोतवाली, जिला देवरिया निवासी मयंक मणि त्रिपाठी (33), थाना छपार जिला मुजफ्फरनगर निवासी दुष्यंत शर्मा (45) और सलाई गांव, हापुड़ निवासी खुशी मोहम्मद (35) काम कर रहे थे।
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बताया गया कि मरम्मत के समय मयंक मणि के हाथ से पाना और चॉबी टैंक में गिर गई। उसे उठाने के लिए मयंक करीब डेढ़ फुट रस से भरे टैंक में उतर गया। इसी दौरान वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया।
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दुष्यंत उसे बचाने के लिए टैंक में उतरा और वह भी बेहोश हो गया। दोनों को बेहोश होता देखकर खुशी मोहम्मद भी शोर मचाते हुए टैंक में उतरा और बेहोश हो गया। खुशी का चिल्लाना सुनकर देवबंद निवासी धर्मपाल, धनैरा शामली निवासी आकाश, ताजपुर बुलंदशहर निवासी भूपेंद्र और बरेली निवासी गंगा सहाय कश्यप पहुंचे।
टैंक में बेहोश पड़े कर्मियों को बाहर निकालने की कोशिश में बेहोश हो गए। बाद में अन्य कर्मचारियों ने टैंक का रस निकाला और कटर से रास्ता बनाकर बेहोश कर्मचारियों को निकाला। अस्पताल में डॉक्टरों ने मयंक, दुष्यंत और खुशी मोहम्मद को मृत घोषित कर दिया।
गन्ना पेराई के बाद रस को पैन हाउस में पकाया जाता है। इसमें कई पैन (टैंक) होते हैं। पैन हाउस में 400 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्टीम वैक्यूम के जरिए रस को पकाकर गाढ़ा किया जाता है और फिर चीनी में तब्दील करने के लिए आगे भेज दिया जाता है।