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साथी ने दांव दिया, सूदखोर ने कसा शिकंजा
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 01 Jul 2016 09:15 PM IST
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सुसाइड
- फोटो : bureau
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श्री शांति स्वरूप कृषि इंटर कालेज के चौकीदार सत्यप्रकाश के पास से मिले सुसाइड नोट में सूदखोर की वजह से आत्महत्या की बात साफ हो गई है। सुसाइड नोट में परिवार वालों को अंतिम नमस्कार के साथ कालेज के साथियों के लिए लिखा है कि ‘हम छोड़ चले इस कालेज को याद आए कभी तो मत रोना।’
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सुसाइड नोट में किसी भी व्यक्ति से रंजिश का जिक्र नहीं है। एक व्यक्ति को कुछ समय पहले ब्याज पर 50 हजार रुपये दिलाने का जिक्र है। सफेद कागज पर प्रधानाचार्य को संबोधित इस नोट में लिखा है कि उसने एक व्यक्ति को कुछ समय पहले 50 हजार रुपये उधार दिलाए थे,
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लेकिन वह व्यक्ति रुपये नहीं दे रहा था। इसके बाद वह सूदखोर का ब्याज चुका रहा था। अब तक वह 15 हजार रुपये ब्याज दे चुका था। सुसाइड नोट में व्यक्ति से रुपये लेने और अपने कुछ मिलने वालों पर करीब 30 हजार रुपये बच्चों को दिलाने का जिक्र किया है।
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सुसाइड नोट में घर के भतीजियों व बच्चों को दुलार व अंतिम नमस्कार लिखा है। सत्यप्रकाश ने अपनी पत्नी कमला के लिए लिखा है कि वह उसकी मौत पर ज्यादा न रोए, बच्चों का अच्छी तरह से ख्याल रखे।
इसके अलावा अपनी मौत के बाद बच्चों को नौकरी, पत्नी को पेंशन और उसका अब तक का फंड आदि जल्द परिवार को देने का जिक्र है। एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि सत्यप्रकाश ने जिस व्यक्ति को रुपये दिलाए थे, उसके बारे में जानकारी की जा रही है।
मालूम हो कि सत्यप्रकाश त्यागी के तीन बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ा शांतनु, फिर पुत्री लक्ष्मी और छोटा पुत्र अनिरुद्ध है। बड़े बेटे शांतनु ने जेई का डिप्लोमा किया है। अनिरुद्ध ने हाल में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। बेटी सीपीएमटी की तैयारी कर रही है।