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जानलेवा हमले के दोषियों को सात-सात साल कारावास
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:13 AM IST
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जानलेवा हमले के दोषियों को सात-सात साल कारावास
- जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर लगाया पांच-पांच हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने जानलेवा हमले के एक मामले में पिलखुवा कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर सहित दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों ही दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भाग सिंह भाटी ने बताया कि पिलखुवा के मोहल्ला मढै़य्या जाटान निवासी धर्मवीर सिंह ने 10 अगस्त 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह अपने पुत्र विकास और साले सुमित के साथ अपने घर के बाहर बने चौराहा पर बातचीत कर रहा था। तभी मोहल्ले के ही हिस्ट्रीशीटर कपिल, गौरव और बबलू बाइक से वहां से तेज रफ्तार से निकले। इस पर बच्चों को चोट लगने की बात कहते हुए आरोपियों से विकास ने मंदी गति से बाइक चलाने को कहा था। इसी बात पर बाइक सवारों और विकास के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद तीनों ने असलहा निकालकर विकास पर गोली चला दी। विकास पेट में गोली लगने से घायल हो गया। लोगों को आता देखकर आरोपी मौके पर बाइक छोड़कर भाग गए थे। गंभीर हालत में विकास को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने हिस्ट्रीशीटर कपिल और बबलू को दोषी पाया। दोनों को सात-सात साल की कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि गौरव को बरी कर दिया गया।
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- जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर लगाया पांच-पांच हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने जानलेवा हमले के एक मामले में पिलखुवा कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर सहित दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों ही दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भाग सिंह भाटी ने बताया कि पिलखुवा के मोहल्ला मढै़य्या जाटान निवासी धर्मवीर सिंह ने 10 अगस्त 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह अपने पुत्र विकास और साले सुमित के साथ अपने घर के बाहर बने चौराहा पर बातचीत कर रहा था। तभी मोहल्ले के ही हिस्ट्रीशीटर कपिल, गौरव और बबलू बाइक से वहां से तेज रफ्तार से निकले। इस पर बच्चों को चोट लगने की बात कहते हुए आरोपियों से विकास ने मंदी गति से बाइक चलाने को कहा था। इसी बात पर बाइक सवारों और विकास के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद तीनों ने असलहा निकालकर विकास पर गोली चला दी। विकास पेट में गोली लगने से घायल हो गया। लोगों को आता देखकर आरोपी मौके पर बाइक छोड़कर भाग गए थे। गंभीर हालत में विकास को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने हिस्ट्रीशीटर कपिल और बबलू को दोषी पाया। दोनों को सात-सात साल की कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि गौरव को बरी कर दिया गया।
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