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दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को पांच वर्ष की सजा
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:20 AM IST
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दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को पांच साल की सजा
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी मानते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि मेरठ जिले के गांव सिंधावली निवासी वीर सिंह ने अपन बहन रेखा की शादी हापुड़ के मोहल्ला नबी करीम निवासी धर्मवीर पुत्र ओमप्रकाश के साथ की थी।
शादी के बाद से ही उसके साथ दहेज की मांग करते हुए मारपीट की जाने लगी। 13 मार्च 2006 को उस पर केरोसिन का तेल डालकर जला दिया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
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इसके बाद मायके वालों ने पति धर्मवीर, ससुर ओमप्रकाश, सास चंद्रा, ननद रामवती व देवर सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तभी से मामला कोर्ट में विचारधीन था।
बृहस्पतिवार को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम बीना नारायण ने मामले में फैसला सुनाया। इसमें धर्मवीर को दोषी माना गया। जबकि बाकी आरोपियों को बरी कर दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि कोर्ट ने दोषी मानते हुए पति धर्मवीर को पांच वर्ष की सजा व 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही उसे पुलिस कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी मानते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि मेरठ जिले के गांव सिंधावली निवासी वीर सिंह ने अपन बहन रेखा की शादी हापुड़ के मोहल्ला नबी करीम निवासी धर्मवीर पुत्र ओमप्रकाश के साथ की थी।
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शादी के बाद से ही उसके साथ दहेज की मांग करते हुए मारपीट की जाने लगी। 13 मार्च 2006 को उस पर केरोसिन का तेल डालकर जला दिया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
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इसके बाद मायके वालों ने पति धर्मवीर, ससुर ओमप्रकाश, सास चंद्रा, ननद रामवती व देवर सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तभी से मामला कोर्ट में विचारधीन था।
बृहस्पतिवार को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम बीना नारायण ने मामले में फैसला सुनाया। इसमें धर्मवीर को दोषी माना गया। जबकि बाकी आरोपियों को बरी कर दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि कोर्ट ने दोषी मानते हुए पति धर्मवीर को पांच वर्ष की सजा व 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही उसे पुलिस कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।