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होली के मद्देनजर चल रहे कच्ची शराब के गोरधंधे का भंडाफोड़
Updated Tue, 20 Feb 2018 11:48 PM IST
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होली के मद्देनजर चल रहे कच्ची शराब के गोरखधंधे का भंडाफोड़
गढ़मुक्तेश्वर। कच्ची शराब के गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर आबकारी टीम ने हजारों लीटर लाहन समेत शराब बनाने के उपकरण समेत सामग्री भी बरामद की है।
होली के मद्देनजर कच्ची शराब तैयार कर उसे आसपास के जनपदों तक सप्लाई करने का गोरखधंधा करने वाले माफिया सक्रिय हो गए हैं। गांवों की आबादी से लेकर जंगल में कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां धुआं उगल रही हैं। आबकारी टीम ने निरीक्षक सीमा कुमारी के नेतृत्व में मंगलवार सुबह गांव भगवंतपुर के जंगल में छापा मारकर कच्ची शराब बनाने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। वहां से शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले 6 हजार लीटर से भी अधिक लाहन का जखीरा बरामद हुआ है। इसे तीस ड्रमों में भरकर रखा गया था। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला है, लेकिन अब सुरागरसी कराकर कच्ची शराब से जुड़े लोगों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
32 लोगों की हो गई थी मौत
थिनर से तैयार की गई शराब ने 16 मार्च 2009 को गढ़ क्षेत्र में होली के मौके पर भारी तबाही मचाई थी। शराब पीने से 32 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की गूंज लखनऊ पहुंचने पर शासन ने आबकारी निरीक्षक, हल्का दारोगा और लेखपाल को निलंबित करते हुए मृतक आश्रित परिवारों को एक एक लाख की आर्थिक मदद भी दी थी।
एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और डीएसपी संतोष मिश्रा का कहना है कि होली के दौरान अवैध शराब की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं होने दी जाएगी, जबकि कच्ची शराब की धरपकड़ को आबकारी महकमे से अभियान चलवाया जा रहा है।
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गढ़मुक्तेश्वर। कच्ची शराब के गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर आबकारी टीम ने हजारों लीटर लाहन समेत शराब बनाने के उपकरण समेत सामग्री भी बरामद की है।
होली के मद्देनजर कच्ची शराब तैयार कर उसे आसपास के जनपदों तक सप्लाई करने का गोरखधंधा करने वाले माफिया सक्रिय हो गए हैं। गांवों की आबादी से लेकर जंगल में कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां धुआं उगल रही हैं। आबकारी टीम ने निरीक्षक सीमा कुमारी के नेतृत्व में मंगलवार सुबह गांव भगवंतपुर के जंगल में छापा मारकर कच्ची शराब बनाने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। वहां से शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले 6 हजार लीटर से भी अधिक लाहन का जखीरा बरामद हुआ है। इसे तीस ड्रमों में भरकर रखा गया था। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला है, लेकिन अब सुरागरसी कराकर कच्ची शराब से जुड़े लोगों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
32 लोगों की हो गई थी मौत
थिनर से तैयार की गई शराब ने 16 मार्च 2009 को गढ़ क्षेत्र में होली के मौके पर भारी तबाही मचाई थी। शराब पीने से 32 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की गूंज लखनऊ पहुंचने पर शासन ने आबकारी निरीक्षक, हल्का दारोगा और लेखपाल को निलंबित करते हुए मृतक आश्रित परिवारों को एक एक लाख की आर्थिक मदद भी दी थी।
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एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और डीएसपी संतोष मिश्रा का कहना है कि होली के दौरान अवैध शराब की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं होने दी जाएगी, जबकि कच्ची शराब की धरपकड़ को आबकारी महकमे से अभियान चलवाया जा रहा है।
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