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वारदात के चश्मदीदों समेत आसपास के परिवार भी बुरी तरह खौफजदा
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:56 PM IST
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खौफजदा हैं वारदात के चश्मदीद
डकैती की वारदात के चश्मदीदों सहित आसपास के परिवार भी वारदात से खौफजदा हैं। पीड़ित परिवार सेहरी का वक्त बीतने के कारण रोजा भी नहीं रख पाए।
जिस दौरान एक दर्जन नकाबपोश हथियारबंद बदमाश रिटायर्ड फौजी के घर में घुसे थे, उस समय सारा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, क्योंकि उन्हें रोजा रखने के लिए करीब दो बजे सेहरी में उठना था। बदमाशों ने तमंचा सटाकर शानुहल हक उर्फ चांद को जगाया तो उसकी आवाज भी नहीं निकल सकी।
वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाशों ने पास में बेड पर सो रही उसकी दोनों बहनों हिना रानी और इशरत जहां को भी गन प्वाइंट पर ले लिया। हिना और इशरत की करीब दो माह पहले ही शादी हुई है और वह दोनों पहली ईद मायके में मनाने के लिए आई हुई हैं।
रिटायर्ड फौजी जुुल्फिकार, बेटे शानुलहक, बेटी हिना रानी और इशरत जहां का कहना है कि खौफ का वह मंजर याद कर बार बार वह सहम जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि लाखों की रकम समेत जेवरात जाने से गहरा सदमा पहुंचा है, लेकिन इससे भी ज्यादा अफसोस रोजा छूटने का है।
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डकैती की वारदात के चश्मदीदों सहित आसपास के परिवार भी वारदात से खौफजदा हैं। पीड़ित परिवार सेहरी का वक्त बीतने के कारण रोजा भी नहीं रख पाए।
जिस दौरान एक दर्जन नकाबपोश हथियारबंद बदमाश रिटायर्ड फौजी के घर में घुसे थे, उस समय सारा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, क्योंकि उन्हें रोजा रखने के लिए करीब दो बजे सेहरी में उठना था। बदमाशों ने तमंचा सटाकर शानुहल हक उर्फ चांद को जगाया तो उसकी आवाज भी नहीं निकल सकी।
वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाशों ने पास में बेड पर सो रही उसकी दोनों बहनों हिना रानी और इशरत जहां को भी गन प्वाइंट पर ले लिया। हिना और इशरत की करीब दो माह पहले ही शादी हुई है और वह दोनों पहली ईद मायके में मनाने के लिए आई हुई हैं।
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रिटायर्ड फौजी जुुल्फिकार, बेटे शानुलहक, बेटी हिना रानी और इशरत जहां का कहना है कि खौफ का वह मंजर याद कर बार बार वह सहम जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि लाखों की रकम समेत जेवरात जाने से गहरा सदमा पहुंचा है, लेकिन इससे भी ज्यादा अफसोस रोजा छूटने का है।
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