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Hapur News: जिला अस्पताल की नर्सरी में भर्ती जुड़वां बच्चों की हालत में सुधार, हटाई ऑक्सीजन
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हापुड़। जिला अस्पताल में दो जुड़वां बच्चों को जन्म देने के चंद घंटों बाद ही बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। शनिवार की रात तक दोनों बच्चों को दौरे आते रहे। हालांकि रविवार की सुबह हालत में थोड़ा सुधार आया। दोपहर में उनकी ऑक्सीजन हटाई गई, हालत अभी भी स्थिर थी।
देवलोक कॉलोनी निवासी प्रदीप की पत्नी लकी शनिवार को अपने 12 वर्ष के बेटे साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। अल्ट्रासाउंड करने के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। सामान्य प्रसव से महिला ने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया लेकिन शाम को लकी की हालत बिगड़ गई, घर से कोई परिजन नहीं आया। इस पर सीएमएस ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और अपने बेटे के साथ ही महिला को मेरठ रेफर कर दिया गया था। वहां लकी की मौत हो गई।
सीएमएस डॉ. हेमलता ने बताया कि दोनों जुड़वां बच्चों की हालत बेहद नाजुक थी। पूरी रात उन पर नजर रखी गई, ऑक्सीजन सपोर्ट हटाते ही दोनों को दौरे पड़ने शुरू हो जाते। ऐसे में पूरी रात उन्हें ऑक्सीजन पर ही रखना पड़ा। रविवार को जब ऑक्सीजन फिर से हटाकर देखा गया तो आश्चर्य हुआ, दोनों बच्चे बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के स्वस्थ पाए गए।
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देवलोक कॉलोनी निवासी प्रदीप की पत्नी लकी शनिवार को अपने 12 वर्ष के बेटे साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। अल्ट्रासाउंड करने के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। सामान्य प्रसव से महिला ने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया लेकिन शाम को लकी की हालत बिगड़ गई, घर से कोई परिजन नहीं आया। इस पर सीएमएस ने पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस और अपने बेटे के साथ ही महिला को मेरठ रेफर कर दिया गया था। वहां लकी की मौत हो गई।
सीएमएस डॉ. हेमलता ने बताया कि दोनों जुड़वां बच्चों की हालत बेहद नाजुक थी। पूरी रात उन पर नजर रखी गई, ऑक्सीजन सपोर्ट हटाते ही दोनों को दौरे पड़ने शुरू हो जाते। ऐसे में पूरी रात उन्हें ऑक्सीजन पर ही रखना पड़ा। रविवार को जब ऑक्सीजन फिर से हटाकर देखा गया तो आश्चर्य हुआ, दोनों बच्चे बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के स्वस्थ पाए गए।
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