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Hapur News: सीएम डैशबोर्ड में पिछड़ा हापुड़, प्रदेश में 65 वां स्थान
Fri, 16 Jan 2026 11:00 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:00 PM IST
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हापुड़। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में जिला लगातार पिछड़ रहा है। दिसंबर में हापुड़ तीन रैंक गिरकर प्रदेश में 65वें नंबर पर पहुंच गया। विकास कार्यों और राजस्व वसूली में पीछे होने के कारण जिला कई माह से रैंकिंग में पिछड़ा हुआ है।
नवंबर माह में जारी हुई रैंकिंग में प्रदेश में जिला 8.31 अंक के साथ 62वें नंबर पर आया था। अब शासन ने दिसंबर की रैंकिंग जारी की है। इसमें जिले को प्रदेश में 65 वां नंबर मिला है, इसमें भी विकास कार्यों में 63 और राजस्व वसूली में 65वीं रैंक हासिल हुई है, जबकि हर माह डीएम और सीडीओ के स्तर से योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को सख्त चेतावनी देने के बाद भी कई स्तर पर गड़बड़ी होती है। इस कारण जनपद की रैंक बार-बार गिर रही है।
जिन विभागों की ओर से बार-बार योजनाओं को लेकर लेटलतीफी की जा रही है, इसमें अल्पसंख्यक कल्याण की दशमोत्तर व पूर्वदशम छात्रवृत्ति, ग्राम विकास विभाग की डे एनआरएलएम आरएफ सीआईएफ, नियोजन विभाग की फैमिली आईडी, पर्यटन विभाग की राज्य योजना, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति, महिला एवं बाल विकास विभाग के आईसीडीएस पोषण अभियान, लोक निर्माण विभाग की नई सड़कों, सेतुओं का निर्माण व सड़कों का अनुरक्षण आदि योजनाएं शामिल हैं। यदि इन योजनाओं को लेकर अधिकारी गंभीरता बरतें तो स्थिति बेहतर हो सकती है।
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सीडीओ हिमांशु गौतम का कहना है कि सीएम डैशबोर्ड में शामिल योजनाओं को लेकर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक होती है। जनपद स्तर से लगातार बेहतर काम करने के लिए सभी प्रयासरत हैं। दिसंबर की रैंकिंग की समीक्षा जल्द की जाएगी। यदि कोई अधिकारी व विभाग बार-बार गड़बड़ी कर रहे हैं तो फिर सख्त कार्रवाई करेंगे।
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नवंबर माह में जारी हुई रैंकिंग में प्रदेश में जिला 8.31 अंक के साथ 62वें नंबर पर आया था। अब शासन ने दिसंबर की रैंकिंग जारी की है। इसमें जिले को प्रदेश में 65 वां नंबर मिला है, इसमें भी विकास कार्यों में 63 और राजस्व वसूली में 65वीं रैंक हासिल हुई है, जबकि हर माह डीएम और सीडीओ के स्तर से योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को सख्त चेतावनी देने के बाद भी कई स्तर पर गड़बड़ी होती है। इस कारण जनपद की रैंक बार-बार गिर रही है।
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जिन विभागों की ओर से बार-बार योजनाओं को लेकर लेटलतीफी की जा रही है, इसमें अल्पसंख्यक कल्याण की दशमोत्तर व पूर्वदशम छात्रवृत्ति, ग्राम विकास विभाग की डे एनआरएलएम आरएफ सीआईएफ, नियोजन विभाग की फैमिली आईडी, पर्यटन विभाग की राज्य योजना, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति, महिला एवं बाल विकास विभाग के आईसीडीएस पोषण अभियान, लोक निर्माण विभाग की नई सड़कों, सेतुओं का निर्माण व सड़कों का अनुरक्षण आदि योजनाएं शामिल हैं। यदि इन योजनाओं को लेकर अधिकारी गंभीरता बरतें तो स्थिति बेहतर हो सकती है।
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सीडीओ हिमांशु गौतम का कहना है कि सीएम डैशबोर्ड में शामिल योजनाओं को लेकर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक होती है। जनपद स्तर से लगातार बेहतर काम करने के लिए सभी प्रयासरत हैं। दिसंबर की रैंकिंग की समीक्षा जल्द की जाएगी। यदि कोई अधिकारी व विभाग बार-बार गड़बड़ी कर रहे हैं तो फिर सख्त कार्रवाई करेंगे।