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गणित में कंपोजिट नंबर के जटिल रहस्य को सुलझाएगा आदर्श
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गणित में कंपोजिट नंबर के जटिल रहस्य को सुलझाएगा आदर्श
हापुड़। बाबूगढ़ छावनी निवासी एक छात्र ने गणित विषय के कंपोजिट नंबर को अलग अलग श्रेणी में डिफाइन कर, विषय की जटिलता को सरल किया है। ऑल इंडिया स्तर पर ऑनलाइन प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के बाद उनका चयन कर लिया गया है। वह 10-15 मई तक यूएसए में आयोजित होने वाले अधिवेशन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, समूचे उत्तर प्रदेश से वह एक मात्र हैं। अधिवेशन में करीब 80 देशों से चयनित मेधावी अलग अलग विषयों पर 1800 प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।
बाबूगढ़ छावनी निवासी दिनेश कुमार के पुत्र आदर्श कुमार अपना मार्गदर्शक महान गणितज्ञ श्रीनिवासन रामानुजन को मानते हैं। वर्ष 2016 में श्रीनिवासन रामानुजन के चरित्र पर बनी फिल्म से आदर्श को इतनी प्रेरणा मिली कि वह गणित में शोध करने की ठान बैठे। नवंबर 2019 में भारत सरकार के साइंस एंड टेक्नॉलोजी और ब्रोडकोम ने ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स मांगे।
आदर्श कुमार ने गणित में कंपोजिट नंबर पर अपना प्रोजेक्ट बनाया। जिसे ऑनलाइन प्रस्तुत कर दिया गया। ऑल इंडिया से हजारों की संख्या में इस तरह के प्रोजेक्ट्स भेजे गए थे। लेकिन करीब 90 मेधावियों का ही चयन हो सका। इसके बाद बंगलूरू में साक्षात्कार प्रक्रिया का आयोजन हुआ। इसमें पूरे भारत देश से 20 मेधावियों का चयन हुआ। लेकिन गणित विषय में प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के लिए हापुड़ के आदर्श का ही चयन किया गया।
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आदर्श कुमार का कहना है गणित में कंपोजिट नंबर छात्रों के लिए एक रहस्य है। उनके प्रोजेक्ट में उन्होंने रहस्य के अंत का प्रयास किया है। महान गणितज्ञ श्रीनिवासन रामानुजन को ही वह अपना आदर्श मानतें हैं। उन्होंने बताया कि 10-15 मई तक यूएसए में अधिवेशन का आयोजन होगा। इसमें करीब 80 देशों से चुने गए मेधावी करीब 1800 प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। भारत की ओर वह गणित विषय का प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।
बता दें कि आदर्श कुमार के पिता दिनेश कुमार बीएसएफ में जवान हैं। जबकि उनकी माता ब्रजबाला, उनके मार्गदर्शन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। फिलहाल, आदर्श डीपीएस स्कूल में इंटरमीडिएट के छात्र हैं। उनकी उपलब्धि से जिलेवासी गर्व महसूस कर रहे हैं। इससे पूर्व भी वह राष्ट्रीय स्तर पर अपने गणित के प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर, जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
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हापुड़। बाबूगढ़ छावनी निवासी एक छात्र ने गणित विषय के कंपोजिट नंबर को अलग अलग श्रेणी में डिफाइन कर, विषय की जटिलता को सरल किया है। ऑल इंडिया स्तर पर ऑनलाइन प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के बाद उनका चयन कर लिया गया है। वह 10-15 मई तक यूएसए में आयोजित होने वाले अधिवेशन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, समूचे उत्तर प्रदेश से वह एक मात्र हैं। अधिवेशन में करीब 80 देशों से चयनित मेधावी अलग अलग विषयों पर 1800 प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।
बाबूगढ़ छावनी निवासी दिनेश कुमार के पुत्र आदर्श कुमार अपना मार्गदर्शक महान गणितज्ञ श्रीनिवासन रामानुजन को मानते हैं। वर्ष 2016 में श्रीनिवासन रामानुजन के चरित्र पर बनी फिल्म से आदर्श को इतनी प्रेरणा मिली कि वह गणित में शोध करने की ठान बैठे। नवंबर 2019 में भारत सरकार के साइंस एंड टेक्नॉलोजी और ब्रोडकोम ने ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स मांगे।
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आदर्श कुमार ने गणित में कंपोजिट नंबर पर अपना प्रोजेक्ट बनाया। जिसे ऑनलाइन प्रस्तुत कर दिया गया। ऑल इंडिया से हजारों की संख्या में इस तरह के प्रोजेक्ट्स भेजे गए थे। लेकिन करीब 90 मेधावियों का ही चयन हो सका। इसके बाद बंगलूरू में साक्षात्कार प्रक्रिया का आयोजन हुआ। इसमें पूरे भारत देश से 20 मेधावियों का चयन हुआ। लेकिन गणित विषय में प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के लिए हापुड़ के आदर्श का ही चयन किया गया।
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आदर्श कुमार का कहना है गणित में कंपोजिट नंबर छात्रों के लिए एक रहस्य है। उनके प्रोजेक्ट में उन्होंने रहस्य के अंत का प्रयास किया है। महान गणितज्ञ श्रीनिवासन रामानुजन को ही वह अपना आदर्श मानतें हैं। उन्होंने बताया कि 10-15 मई तक यूएसए में अधिवेशन का आयोजन होगा। इसमें करीब 80 देशों से चुने गए मेधावी करीब 1800 प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। भारत की ओर वह गणित विषय का प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।
बता दें कि आदर्श कुमार के पिता दिनेश कुमार बीएसएफ में जवान हैं। जबकि उनकी माता ब्रजबाला, उनके मार्गदर्शन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। फिलहाल, आदर्श डीपीएस स्कूल में इंटरमीडिएट के छात्र हैं। उनकी उपलब्धि से जिलेवासी गर्व महसूस कर रहे हैं। इससे पूर्व भी वह राष्ट्रीय स्तर पर अपने गणित के प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर, जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।