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आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू होगा मेला
Hapur
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:33 AM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। न सड़कें, न घाट और न ही विभागीय कैंप। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा किनारे लगने वाला मेला इस बार आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ही शुरू होगा। श्रद्धालु परेशान होंगे कि वे अपने तंबू कहां लगाएं क्योंकि मेला क्षेत्र गंगा की कटान के चलते पहले से बीस फीसदी तक सिमट गया है। इसके काफी हिस्से में गन्ने की फसल खड़ी है जिसकी कटान के लिए अफसर परेशान हैं।
गढ़ खादर का पौराणिक मेला शुरू होने में अब मात्र एक दिन शेष है। मेलाक्षेत्र का आलम यह है कि संपर्क मार्ग नहीं बने हैं। रिजर्व पुलिस लाइन के सिवाय अभी तक मेला स्थल पर जिला पंचायत के कैंप कार्यालय और शिविर तक भी नहीं लग पाए हैं। जिला पंचायत चेयरमैन पति सतपाल यादव ने मंगलवार को मेला स्थल पर पहुंचकर अस्थाई स्नानघाटों का निर्माण प्रारंभ न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदारों को कड़े निर्देश देकर अपनी देखरेख में सदर सेक्टर के सामने मुख्य स्नानघाट का निर्माण प्रारंभ कराया। हालांकि पांच स्थानों पर बनने वाले साढ़े सात सौ मीटर लंबे अस्थाई स्नानघाटों को इतनी कम अवधि में पूरा कराया जाना अब जिला पंचायत महकमे के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मेलाधिकारी शमशाद हुसैन का कहना है कि फसलों के कटान में किसी भी तरह की देरी अब सहन नहीं की जाएगी, क्योंकि मेला प्रारंभ होने में मात्र एक दिन का समय ही शेष बच पाया है। फसल काटने में आनाकानी कर रहे किसानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिला पंचायत अवर अभियंता आदेश कुमार का कहना है कि जब तक तहसील प्रशासन द्वारा सख्ती बरतकर फसल नहीं कटवाई जाएंगी, तब तक मेले से जुड़ीं व्यवस्थाओं में तेजी आना किसी भी सूरत में संभव नहीं है।
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गढ़ खादर का पौराणिक मेला शुरू होने में अब मात्र एक दिन शेष है। मेलाक्षेत्र का आलम यह है कि संपर्क मार्ग नहीं बने हैं। रिजर्व पुलिस लाइन के सिवाय अभी तक मेला स्थल पर जिला पंचायत के कैंप कार्यालय और शिविर तक भी नहीं लग पाए हैं। जिला पंचायत चेयरमैन पति सतपाल यादव ने मंगलवार को मेला स्थल पर पहुंचकर अस्थाई स्नानघाटों का निर्माण प्रारंभ न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदारों को कड़े निर्देश देकर अपनी देखरेख में सदर सेक्टर के सामने मुख्य स्नानघाट का निर्माण प्रारंभ कराया। हालांकि पांच स्थानों पर बनने वाले साढ़े सात सौ मीटर लंबे अस्थाई स्नानघाटों को इतनी कम अवधि में पूरा कराया जाना अब जिला पंचायत महकमे के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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मेलाधिकारी शमशाद हुसैन का कहना है कि फसलों के कटान में किसी भी तरह की देरी अब सहन नहीं की जाएगी, क्योंकि मेला प्रारंभ होने में मात्र एक दिन का समय ही शेष बच पाया है। फसल काटने में आनाकानी कर रहे किसानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिला पंचायत अवर अभियंता आदेश कुमार का कहना है कि जब तक तहसील प्रशासन द्वारा सख्ती बरतकर फसल नहीं कटवाई जाएंगी, तब तक मेले से जुड़ीं व्यवस्थाओं में तेजी आना किसी भी सूरत में संभव नहीं है।
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