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तालाब में कटान के कारण गिरी दीवार
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:36 AM IST
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तालाब में कटान के कारण गिरी दीवार
हापुड़। नगर के मोहल्ला हरद्वारी नगर में मकान गिरने से हुई मासूम की मौत का जिम्मेदार काफी हद तक प्रशासन भी है। मकान के पीछे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण न होने से मिट्टी कटती गई। इसके कारण मकान की नींव खोखली होने से बृहस्पतिवार को दीवार भरभरागर गिर गई।
मोहल्ला हरद्वारी नगर में दीवार गिरने से उसकी चपेट में आया मासूम आर्यन घर का इकलौता चिराग था। मृतक के पिता उदय के मकान के पीछे एक तालाब सटा है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार मकान का निर्माण कराते समय तालाब इससे काफी दूर था। लेकिन जैसे जैसे समय बीता तालाब मिट्टी का कटान करता रहा और मकान के करीब आ गया। इसी मिट्टी के कटान के कारण दीवार के नीचे की मिट्टी खोखली हो गईऔर बृहस्पतिवार को दीवार गिर गई। भले ही प्रशासन भले ही तालाबों के सौंदर्यीकरण का दावे कर रहा हो, लेकिन शहर के बीच में इस तालाब ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी। परिजनों का कहना है कि अगर तालाब का सौंदर्यीकरण हो जाता तो शायद यह हादसा न होता और मासूम की जान बच जाती। परिवार का इकलौता पुत्र होने के कारण मां बबीता का रो रोकर बुरा हाल था और वह बार बार उसी तालाब को कोस रही थी। अब प्रशासनिक अधिकारी तालाब की स्थिति की जानकारी करने की बात कह रहे हैं।
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हापुड़। नगर के मोहल्ला हरद्वारी नगर में मकान गिरने से हुई मासूम की मौत का जिम्मेदार काफी हद तक प्रशासन भी है। मकान के पीछे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण न होने से मिट्टी कटती गई। इसके कारण मकान की नींव खोखली होने से बृहस्पतिवार को दीवार भरभरागर गिर गई।
मोहल्ला हरद्वारी नगर में दीवार गिरने से उसकी चपेट में आया मासूम आर्यन घर का इकलौता चिराग था। मृतक के पिता उदय के मकान के पीछे एक तालाब सटा है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार मकान का निर्माण कराते समय तालाब इससे काफी दूर था। लेकिन जैसे जैसे समय बीता तालाब मिट्टी का कटान करता रहा और मकान के करीब आ गया। इसी मिट्टी के कटान के कारण दीवार के नीचे की मिट्टी खोखली हो गईऔर बृहस्पतिवार को दीवार गिर गई। भले ही प्रशासन भले ही तालाबों के सौंदर्यीकरण का दावे कर रहा हो, लेकिन शहर के बीच में इस तालाब ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी। परिजनों का कहना है कि अगर तालाब का सौंदर्यीकरण हो जाता तो शायद यह हादसा न होता और मासूम की जान बच जाती। परिवार का इकलौता पुत्र होने के कारण मां बबीता का रो रोकर बुरा हाल था और वह बार बार उसी तालाब को कोस रही थी। अब प्रशासनिक अधिकारी तालाब की स्थिति की जानकारी करने की बात कह रहे हैं।
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