{"_id":"5a15d1424f1c1b001c8b46aa","slug":"81511379266-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी तंत्र फिर फेल हस्त्रुआ--।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी तंत्र फिर फेल हस्त्रुआ--।
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वोटर लिस्ट ने किया बंटाधार, सैंकड़ों नहीं डाल पाए वोट
- बीएलओ की लापरवाही भी सामने आई, घरों तक नहीं पहुंची मतदाता पर्ची
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा। मतदाता सूची में सैकड़ों मतदाताओं के नाम गायब मिले। जिससे पहचान पत्र जेब में होते हुए भी वह मतदान नहीं कर पाए, जिन्हें नगर निकाय लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार न बनने का भारी अफसोस है। वहीं मतदान प्रक्रिया के दौरान बीएलओ की लापरवाही भी सामने आई है। मतदाता पर्ची न मिलने से भी अधिकतर मतदाता वोट डालने से वंचित रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी कराने के मकसद से विभिन्न संगठनों का सहयोग लेकर बड़े स्तर पर जन जागरुकता अभियान चलवाए थेे, जिससे कि हर कोई अपनी वोट का महत्व समझें और सामने कैसी भी परिस्थति हों हर हाल में मताधिकार का प्रयोग करें। लेकिन आयोग की इस जुस्तजू पर एक बार फिर से सरकारी मशीनरी ने पानी फेर दिया है। क्योंकि कई माह से चल रही कवायद के बाद भी वोटर लिस्ट, पर्ची और पहचान पत्रों की त्रुटियां दूर न होने से काफी लोग मतदान करने से वंचित रह गए। कई लोग हाथ में पहचान पत्र लेकर घूम रहे थे, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम न होने से वे वोटिंग नहीं कर पाए। निर्वाचन आयोग की हिदायत पर इस बार बीएलओ को वोटर पर्चियां घर भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन घरों में पर्ची न पहुंचने से काफी मतदाता परेशान नजर आए। राजमल, महबूब, प्रीति, पिंकी, रामपाल का कहना है कि पिछले दो चुनाव में वोट डाला था, लेकिन इस बार वोटर लिस्ट में नाम नहीं आ पाया है। जिससे वह जेब में पहचान पत्र होने के बाद भी वोटिंग नहीं कर सके। इसी तरह कई वार्डों में दर्जनों महिला और पुरुषों के नाम लिस्ट से गायब मिले, जबकि सारी औपचारिकता पूरी कर आवेदन करने के बाद भी 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले ंअधिकांश युवाओं के नाम लिस्ट में नहीं आ पाए हैं।
फोटो फाइल संख्या 22एचपीआर पीएच-01
मतदाता सूची में नाम न मिलने से मायूस मतदाता
हापुड़। चुनाव आयोग ने इस बार शत प्रतिशत मतदान कराने के लिए घर-घर मतदान पर्चियों का वितरण कराया था। मतदान पर्ची वितरण की जिम्मेदारी बीएलओ को दी गई थी। लेकिन, बीएलओ की लापरवाही से जिले के हजारों मतदाता मतदान नहीं कर सके। क्योंकि जिले में कई परिवारों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था।
विज्ञापन
नगर पालिका क्षेत्र में बीएलओ को घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बावजूद भी काफी घरों में मतदाता पर्ची नहीं पहुंच पाई। ऐसे में मतदाता असमंजस में थे कि किस पोलिंग बूथ पर वोट देने जाए। इसके अलावा कई परिवारों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था।
इंद्रलोक कालोनी निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उनके पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया था। इससे उनका पूरा परिवार मतदान से वंचित रह गया। वार्ड 34 के धनवंतरी त्यागी, साक्षी, संजय, विश्वमित्र, शांतनु ने बताया कि वह वोट डालने बूथ पर पहुंचे तो पता चला की उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब है। लोगों ने बताया कि वो लोग वर्षें से मतदान करते आ रहे हैं। लेकिन इस बार बीएलओ की लापरवाही से उनके नाम मतदाता सूची से गायब हो गए। इससे नाराज मतदाताओं ने बूथ पर हंगामा भी किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत कराया। इसके अलावा वार्ड 26 में भी काफी लोगोें के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। इस संबंध में एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच करायी जाएगी।
विज्ञापन
- बीएलओ की लापरवाही भी सामने आई, घरों तक नहीं पहुंची मतदाता पर्ची
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा। मतदाता सूची में सैकड़ों मतदाताओं के नाम गायब मिले। जिससे पहचान पत्र जेब में होते हुए भी वह मतदान नहीं कर पाए, जिन्हें नगर निकाय लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार न बनने का भारी अफसोस है। वहीं मतदान प्रक्रिया के दौरान बीएलओ की लापरवाही भी सामने आई है। मतदाता पर्ची न मिलने से भी अधिकतर मतदाता वोट डालने से वंचित रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी कराने के मकसद से विभिन्न संगठनों का सहयोग लेकर बड़े स्तर पर जन जागरुकता अभियान चलवाए थेे, जिससे कि हर कोई अपनी वोट का महत्व समझें और सामने कैसी भी परिस्थति हों हर हाल में मताधिकार का प्रयोग करें। लेकिन आयोग की इस जुस्तजू पर एक बार फिर से सरकारी मशीनरी ने पानी फेर दिया है। क्योंकि कई माह से चल रही कवायद के बाद भी वोटर लिस्ट, पर्ची और पहचान पत्रों की त्रुटियां दूर न होने से काफी लोग मतदान करने से वंचित रह गए। कई लोग हाथ में पहचान पत्र लेकर घूम रहे थे, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम न होने से वे वोटिंग नहीं कर पाए। निर्वाचन आयोग की हिदायत पर इस बार बीएलओ को वोटर पर्चियां घर भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन घरों में पर्ची न पहुंचने से काफी मतदाता परेशान नजर आए। राजमल, महबूब, प्रीति, पिंकी, रामपाल का कहना है कि पिछले दो चुनाव में वोट डाला था, लेकिन इस बार वोटर लिस्ट में नाम नहीं आ पाया है। जिससे वह जेब में पहचान पत्र होने के बाद भी वोटिंग नहीं कर सके। इसी तरह कई वार्डों में दर्जनों महिला और पुरुषों के नाम लिस्ट से गायब मिले, जबकि सारी औपचारिकता पूरी कर आवेदन करने के बाद भी 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले ंअधिकांश युवाओं के नाम लिस्ट में नहीं आ पाए हैं।
विज्ञापन
फोटो फाइल संख्या 22एचपीआर पीएच-01
मतदाता सूची में नाम न मिलने से मायूस मतदाता
हापुड़। चुनाव आयोग ने इस बार शत प्रतिशत मतदान कराने के लिए घर-घर मतदान पर्चियों का वितरण कराया था। मतदान पर्ची वितरण की जिम्मेदारी बीएलओ को दी गई थी। लेकिन, बीएलओ की लापरवाही से जिले के हजारों मतदाता मतदान नहीं कर सके। क्योंकि जिले में कई परिवारों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था।
विज्ञापन
नगर पालिका क्षेत्र में बीएलओ को घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बावजूद भी काफी घरों में मतदाता पर्ची नहीं पहुंच पाई। ऐसे में मतदाता असमंजस में थे कि किस पोलिंग बूथ पर वोट देने जाए। इसके अलावा कई परिवारों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था।
इंद्रलोक कालोनी निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उनके पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया था। इससे उनका पूरा परिवार मतदान से वंचित रह गया। वार्ड 34 के धनवंतरी त्यागी, साक्षी, संजय, विश्वमित्र, शांतनु ने बताया कि वह वोट डालने बूथ पर पहुंचे तो पता चला की उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब है। लोगों ने बताया कि वो लोग वर्षें से मतदान करते आ रहे हैं। लेकिन इस बार बीएलओ की लापरवाही से उनके नाम मतदाता सूची से गायब हो गए। इससे नाराज मतदाताओं ने बूथ पर हंगामा भी किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत कराया। इसके अलावा वार्ड 26 में भी काफी लोगोें के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। इस संबंध में एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच करायी जाएगी।